वक्फ बिल : बिहार की सियासत में हलचल, JDU के बाद चिराग की पार्टी में भी इस्तीफा

पटना : वक्फ संशोधन बिल (Wakf Amendment Bill) जब से लोकसभा और राज्यसभा में पास हुआ है तब से मुसलमानों के साथ-साथ राजनीतिक पार्टियों में हलचल बढ़ गई है। मुसलमान तो वक्फ बिल पास होने से नाराज से काफी हैं। इनके साथ-साथ बिहार की राजनीति में इसका खासा प्रभाव देखने को मिल रहा है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) पार्टी के बाद लोजपा (रामविलास) पासवान की पार्टी में नेताओं का इस्तीफा देने का सिलसिला जारी है।

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विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा व राज्यसभा में पास हुआ वक्फ संशोधन बिल

आपको बता दें कि विपक्ष के हंगामे के बीच वक्फ संशोधन बिल दो अप्रैल की आधी रात लोकसभा में और तीन अप्रैल की आधी रात राज्यसभा में बिल पास हो गया। वहीं लोकसभा में बिल के पक्ष में 288 वोट पड़े तो विरोध में 232 वोट पड़े जबकि राज्यसभा में पक्ष में 128 वोट पड़े तो विपक्ष में 95 वोट पड़े। इस तरह दोनों सदनों में वक्फ बिल आसानी से पास हो गया। अब यह बिल राष्ट्रपति के पास चला गया। उनका परमिशन मिलते ही यह वक्फ संशोधन बिल नया कानून बन जाएगा।

वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा और राज्यसभा से पास तो हो गया है

वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा और राज्यसभा से पास तो हो गया है लेकिन कुछ पार्टियों के लिए ऐसा लग रहा है कि टेंशन बढ़ गई है। खासकर, नजर बिहार पर है। बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी के मुस्लिम नेताओं ने इस्तीफा देना शुरू किया तो आग की लपटें अब केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी तक भी पहुंच गए हैं। सीएम नीतीश के साथ अब चिराग पासवान की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।

JDU-LJP (R) ने वक्फ बिल को पूरा किया है समर्थन

गौरतलब हो कि नीतीश कुमार की पार्टी (JDU) के साथ केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी (R) ने भी वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन किया है। बिल के समर्थन के बाद पार्टी के भीतर मुस्लिम नेताओं में नाराजगी देखी जा रही है। खबर है कि एलजेपी अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष अली आलम ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उनका यह कहना है कि बिल मुसलमानों के खिलाफ है। यह सब ऐसे वक्त में हो रहा है जब बिहार में विधानसभा का चुनाव होना है। ऐसे में मुस्लिम नेताओं का जदयू और एलजेपी (रामविलास) से इस्तीफा देना एक तरह से झटका ही है। हालांकि जदयू की ओर से तो यह बयान आया है कि जिन नेताओं ने इस्तीफा दिया है उनका पार्टी से कोई लेना देना नहीं है।

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JDU से कौन-कौन दिया इस्तीफा?

बता दें कि जदयू में इस्तीफा देने वालों की लंबी लिस्ट है। जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव मो. शाहनवाज मलिक, प्रदेश महासचिव मो. तबरेज सिद्दीकी, भोजपुर से पार्टी सदस्य मो. दिलशान राईन और पूर्वी चंपारण जिला चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रवक्ता कासिम अंसारी ने इस्तीफा दे दिया है। अब इस्तीफे का दौर एलजेपीआर में शुरू हो गया है।

गुलाम गौस ने बुलाई है प्रेस कॉन्फ्रेंस

उधर, दूसरी ओर वक्फ बोर्ड के खिलाफ लगातार बोलने वाले जदयू नेता और एमएलसी गुलाम गौस शनिवार पांच अप्रैल को पटना में प्रेसवार्ता करेंगे। पार्टी कार्यालय में दोपहर एक बजे से यह प्रेस कॉन्फ्रेंस होनी है। इसमें एमएलसी आफाक आलम और एमएलसी खालिद अनवर भी मौजूद रहेंगे। कहकशां परवीन और अफजल अब्बास जैसे नेता मौजूद रहेंगे। देखना होगा कि क्या कुछ कहा जाता है।

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