डिजीटल डेस्क : Syria में तख्तापलट के बाद किसकी बनेगी नई सरकार? रविवार को हुए Syria में तख्तापलट के साथ ही राष्ट्रपति बशर अल असद शासन के अंत के बाद सबकी नजर इस बात पर हैं कि Syria की नई सरकार कैसे बनेगी।
Syria में बनने वाली नई सरकार का बंटवारा किस लिहाज से बागी गुटों में किया जाएगा, सभी की निगाहें इस पर भी हैं। वजह यह है कि असद के खिलाफ लड़ने वाला कोई एक ग्रुप नहीं है बल्कि दर्जनों ग्रुप मैदान में असद की सेना से लड़ रहे हैं। और ये सभी सत्ता में अपनी हिस्सेदारी चाहते हैं।
Syria में बागियों में कुछ लोकतंत्र के हिमायती तो कुछ…
रविवार को हुए Syria में तख्तापलट के बाद नई सरकार के गठन को लेकर माथापच्ची जारी है। पूरी दुनिया की निगाहें उसी पर लगी हुई हैं। तख्तापलट में भागीदार रहे तमाम गुटों के अपने-अपने मत हैं। इसीलिए दुनिया भर के देश उनके गठबंधन या उनके बीच होने वाले सत्ता के बंटवारे या समझौते पर निगाह रखे हुए हैं। बागियों के समूहों की आइडियोलॉजी भी अलग-अलग है।
कुछ लोकतंत्र के हिमायती हैं तो कुछ इस्लामी राष्ट्र चाहते हैं जबकि कुछ कुर्द लड़ाके भी हैं जो अपना एक अलग देश चाहते हैं। इस लड़ाई से अभी एक धुंधली से तुर्की, अमेरिका और इजराइल के बड़े प्लान की तस्वीर दिख रही है। उसमें वह Syria को तोड़ ईरान का मध्य पूर्व से कंट्रोल को कम कर सकते हैं।

Syria में बागियों के नेता एचटीएस प्रमुख अबु मोहम्मद अल जोलानी को जानें…
Syria के बागी गुट हयात तहरीर अल शाम का प्रमुख अबु मोहम्मद अल जोलानी एक इस्लामिक नेता हैं। वह खुद के आधुनिक होने का दावा करते हैं। उनका मकसद Syria की सत्ता से बशर अल असद सरकार को हटाना रहा है। जोलानी बीते कई वर्षों से खुफिया तरीके से गुट का नेतृत्व कर रहे थे, लेकिन अब वह खुलकर दुनिया के सामने आ गए हैं।
वैश्विक मीडिया को Syria में हुए तख्तापलट के बाद इंटरव्यू दे रहे हैं। अबु जोलानी का जन्म 1982 को हुआ था और उसका लालन-पालन Syria की राजधानी दमिश्क के माजेह इलाके में हुआ।
जोलानी के परिवार का ताल्लुक गोलान हाइट्स इलाके से है और उसका दावा है कि उसके दादा को साल 1967 में गोलान हाइट्स इलाके से भागना पड़ा था, जब गोलान हाइट्स पर इस्राइल का कब्जा हो गया था।

Syria में अपदस्थ सरकार के खिलाफ बिगुल बजाने वाले विद्रोही संगठन को भी जानें…
Syria में राष्ट्रपति बशर अल असद की सरकार को अपदस्थ करने वाले बागी गुट हयात तहरीर अल शाम आंतकी संगठन अल कायदा की शाखा रहा है। हालांकि बाद में इस संगठन ने खुद को अल कायदा से अलग कर लिया था। इस गुट का नेतृत्व अबु मोहम्मद अल जोलानी द्वारा किया जा रहा है। इसे बेहद कट्टरपंथी माना जाता है। एचटीएस ने साल 2016 में अल कायदा से अपना नाता तोड़ लिया था और जोलानी ने खुद को गुट का नेता घोषित कर दिया था। पश्चिमी देश एचटीएस को आतंकी संगठन मानते हैं।
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