रांची: जैक की 10वीं परीक्षा के पेपर लीक मामले में कोडरमा पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस अब अग्रवाला उच्च विद्यालय तिसरी के केन्द्राधीक्षक राधेश्याम गोस्वामी, गिरिडीह वज्रगृह के प्रभारी मजिस्ट्रेट राहुल चंद्रा सहित प्रतिनियुक्त 10 शिक्षकों से पूछताछ करेगी।
जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, पुलिस को संदेह है कि वज्रगृह में तैनात कुछ शिक्षकों की मिलीभगत से ही प्रश्नपत्र लीक हुआ। आशंका जताई जा रही है कि मजदूर बने छात्रों ने स्ट्रांग रूम के बाहर से नहीं, बल्कि अंदर से प्रश्नपत्र चोरी किए। पुलिस का मानना है कि स्ट्रांग रूम में तैनात शिक्षकों की जिम्मेदारी थी कि प्रश्नपत्रों के बंडल की सही गिनती और सुरक्षा सुनिश्चित करें। ऐसे में बंडल कटकर चोरी हो जाने की जानकारी उन्हें कैसे नहीं हुई, यह जांच का अहम बिंदु है।
गिरिडीह वज्रगृह से हटाए गए प्रभारी मजिस्ट्रेट राहुल चंद्रा सहित सभी शिक्षकों ने स्वयं को निर्दोष बताया है, लेकिन पुलिस ने सभी पर शक जताते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी है। इस मामले में एसपी ने वहां तैनात पुलिस अधिकारियों और जवानों को भी तत्काल हटाकर स्पष्टीकरण मांगा है।
मोबाइल से खुलासा: कोचिंग संचालक भी शामिल
पेपर लीक मामले में पुलिस ने जब्त 6 मोबाइल की जांच की, जिससे कई नए तथ्य सामने आए हैं। जांच के अनुसार, प्रश्नपत्रों का पीडीएफ बनाकर सबसे ज्यादा वायरल करने वाला आरोपी अंशु कुमार पांडेय था। वहीं, रोहित कुमार, मुकेश कुमार, लालमोहन कुमार और कृष्णा कुमार पांडेय ने कई लोगों को मुफ्त में प्रश्नपत्र बांटे। इसमें कई कोचिंग संचालकों और शिक्षकों की संलिप्तता भी पाई गई है।
पुलिस को यह भी पता चला है कि गिरफ्तार किए गए दो आरोपी साइबर अपराध में भी शामिल रहे हैं। अंशु कुमार पांडेय की उम्र 19 साल है, लेकिन वह अभी 9वीं कक्षा का छात्र है। उसने बताया कि कोरोना काल के दौरान वह दो साल तक पढ़ाई नहीं कर सका था।
पुलिस अब सभी संदिग्धों से गहन पूछताछ कर रही है और जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
Highlights


