
रांची: राजधानी समेत पूरे राज्य के मौसम में भारी बदलाव दिख रहा है। मौसम विज्ञानी अभिषेक आनंद बताते हैं कि यह बदलाव वैश्विक और स्थानीय कारणों से हो रहा है।
स्थानीय तौर पर लगातार पौधों की कटाई और इसके सापेक्ष में कम पौधारोपण ने परेशानी बढ़ाई है। यही नहीं प्राकृतिक संसाधनों के दोहन ने भी कम वर्षापात और तापमान को बढ़ावा दिया है।
जलवायु परिवर्तन के कारण राजधानी में वर्षा की समय सीमा जून और जुलाई से अगस्त और सितंबर के वर्षापात पर आ टिकी है। एक जून से 16 जुलाई तक हुए वर्षापात की बात करें तो पूरे राज्य में अब तक 348.9 मिमी वर्षापात होना था जो कि सामान्य से काफी कम 186.1 मिमी वर्षा हुई है।
वहीं राजधानी रांची में 361.3 मिमी वर्षापात के सापेक्ष में महज 184.7 मिमी वर्षा हुई है। जो कि सामान्य से काफी कम है। मौसम विज्ञानी ने बताया कि पिछले वर्ष भी कुछ ऐसा ही मौसम का मिजाज देखने को मिला था। इसमें पिछले 10 पर्षों से धीरे धीरे परिवर्तन हो रहा है।




