रांची: पेय जल विभाग ने पेयजल समस्या को सुलझाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके तहत, 4351 ग्राम पंचायतों में 10-10 चापाकल लगाने का निर्णय लिया गया है, जिससे कुल 43510 चपाकल लगाए जाएंगे। इस योजना के अंतर्गत कुल व्यय 4 अरब, 63 करोड़, 62 लाख 54 हजार 626 रुपये खर्च होगा। पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने बताया कि वर्तमान में राज्य में 66 प्रतिशत पानी की आपूर्ति चापाकलों से होती है, जबकि 34 प्रतिशत पानी पाइप जल से आता है। वर्ष 2024 तक, सभी 61.19 लाख घरों को पाइप जल से जोड़ने का लक्ष्य है, लेकिन तत्काल प्राथमिकता देते हुए, राज्य में कुल 4351 पंचायतों में 43510 चपाकल लगाने का निर्णय लिया गया है।
मंत्री ने यह भी बताया कि गहरे भूगर्भ जल स्तर के आधार पर 70, 90 और 120 मीटर गहरे चापाकल लगाए जाएंगे, जो क्षेत्रों के जल स्तर के आधार पर निर्धारित किए जाएंगे। इसके अलावा, 60 मीटर गहरे जीपीटी (बजरी पैक ट्यूबवेल) का भी प्रावधान किया गया है, और चापाकलों की प्राथमिकता वे क्षेत्र होंगे जहां यह वास्तविक आवश्यकता होगी।


