आराः भोजपुर जिले के चर्चित भाजपा नेता विशेश्वर ओझा हत्याकांड के गवाह कमल किशोर मिश्रा की हत्या में पकड़ा गया 50 हजार रुपये का इनामी मोस्ट वांटेड उमाशंकर मिश्रा. बिहार पुलिस को झांसा देने के लिए यूपी के गोरखपुर में ट्रक ड्राइवर बनकर छिपा हुआ था. उमाशंकर मिश्रा की गिरफ्तारी आरा सिविल कोर्ट रमना मैदान रोड से हुई. 2022 में पिता के श्राद्ध में पेरोल पर छूटने के बाद वह वापस नहीं गया था.
भोजपुर एसपी प्रमोद कुमार ने बताया कि उमाशंकर मिश्रा ने पूछताछ के क्रम में बताया कि वह गाेरखपुर के किसी यादव ट्रांसपोर्टर का ट्रक चलाया करता था, जिससे किसी को शक नहीं हो. पूर्व में कोयला और चिमनी के धंधे से भी जुड़ा हुआ था. उमाशंकर मिश्रा फरारी के दौरान बिहार के पटना के अलावा झारखंड के धनबाद, रामढ़ग और यूपी के गोरखपुर में लगातार ठिकाना बदल रहा था. गिरफ्तारी के लिए यूपी और झारखंड में पिछले कई दिनों से छापेमारी चल रही थी. एसपी ने भी पांच अलग-अलग टीमों को भेजा था. बिहार एसटीएफ के भी चुनिंदा अफसर भी झारखंड में जमे हुए थे.

गवाह के मर्डर मामले में वांटेड था उमाशंकर
भाजपा नेता हत्याकांड के मुख्य गवाह कमल किशोर मिश्रा की हत्या 28 सितंबर वर्ष 2018 को हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने हत्याकांड में शामिल मुख्य आरोपी उमा शंकर मिश्रा को गिरफ्तार किया था. सितंबर 2022 में उमाशंकर मिश्रा अपने पिता के श्राद्धकर्म को लेकर जेल से एक महीने के लिए पेरोल पर छूटकर घर आया हुआ था. इसके बाद वह वापस जेल नहीं गया. इसके बाद कोर्ट से कुर्की वारंट निर्गत हुआ था. 9 नवंबर 2022 को पुलिस ने सोनवर्षा स्थित वांछित के घर पर कुर्की-जब्ती की थी.
सेना का भगोड़ा रहा है उमाशंकर
उमाशंकर मिश्रा करीब 12 वर्षों तक भारतीय सेना में नौकरी कर वर्ष 2015 में घर भाग आया था. उमाशंकर को नौकरी के दौरान भी फौज में अनुशासनहीनता को लेकर कोर्ट मार्शल किया गया था.
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