बच्चे को दिल्ली में मिल गया परिजन, दो देशों की एजेंसी कर रही थी माथापच्ची

कटिहार में रहते हैं मातापिता, दिल्ली सीडब्ल्यूसी ने धनबाद चेयरपर्सन को भेजी रिपोर्ट

सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष उत्तम मुखर्जी की पहल की डीडीसी ने की सराहना,

उपविकास आयुक्त ने भी की बच्चे को दिल्ली शिफ्ट करने में मदद

सहयोग विलेज के ओमप्रकाश का भी रहा योगदान

राजकुमार जयसवाल

धनबाद: तीन साल से बोकारो सहयोग विलेज में रह रहे रकीब को आखिर दिल्ली में परिजन मिल गया। रकीब डिप्रेशन में चला गया था। कई बार उसने आत्महत्या करने की कोशिश की थी। देशभर में यह मामला चर्चित हो गया था। भारत से लेकर बांग्लादेश तक इसे लेकर विभाग माथापच्ची करता रहा। धनबाद और दिल्ली सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन उत्तम मुखर्जी और रूपसदेश ने इसमें भूमिका निभाई और अंतत: आज उसे परिजन मिल गए।

दरअसल मार्च 2020 में धनबाद स्टेशन में रकीब बरामद हुआ था।उसे बोकारो सहयोग विलेज में आवासित किया गया था। तत्कालीन सीडब्ल्यूसी ने इस मामले में न तो फॉलोअप किया था और न ही परिजनों की तलाश में कोई कार्रवाई की थी। जब सहयोग विलेज के प्रभारी ओमप्रकाश ने मामले को धनबाद सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष के संज्ञान में लाया तो बच्चे का फॉलोअप शुरू हुआ। दिल्ली सरकार को लिखा गया लेकिन परिजन नहीं मिले। तत्कालीन सीडब्ल्यूसी ने बांग्लादेश का पता लिखा था। वर्तमान सीडब्ल्यूसी और डीसीपीओ के आग्रह पर धनबाद डीसी ने राज्य सरकार को लिखा ताकि बांग्लादेश से तहकीकात हो सके। सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष श्री मुखर्जी ने बांग्लादेश के फरीदपुर एसपी से भी संपर्क किया लेकिन बच्चे के परिजनों का कोई सुराग नहीं मिला। इस बीच श्री मुखर्जी के आग्रह पर सीडब्ल्यूसी, दिल्ली उत्तर पूर्व ने सहयोग का भरोसा दिलाया। श्री मुखर्जी खुद दिल्ली के भजनपुरा,नूरी मस्जिद आदि का छान मारा।
बाल कल्याण समिति धनबाद के आदेश पर बालक को दिनांक 3 जुलाई को संस्कार आश्रम भेजा गया | सीडब्ल्यूसी, बोकारो ने भी इसमें अनुमति दी तथा धनबाद सीडब्ल्यूसी को सहयोग दिया।

धनबाद डीडीसी ने भी निभाई भूमिका

सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष उत्तम मुखर्जी और सहयोग विलेज के प्रभारी ओमप्रकाश के आग्रह पर धनबाद डीडीसी शशि प्रकाश ने इस मामले में बड़ी भूमिका निभाई। उन्होंने रकीब से बात की। बोकारो प्रशासन से भी संपर्क किया।
बाद में दिल्ली बाल कल्याण समिति संस्कार आश्रम के आदेश पर बालक राकीब के घर का पता लगाने के लिए संस्कार आश्रम बाल गृह के कल्याण अधिकारी द्वारा बालक को साथ ले जाकर मौके का मुआयना कराया गया जिसमें बालक ने अपनी नानी ज़रीना के घर को पहचान लिया। बालक की नानी गली नो 9 , शक्ति विहार थाना दयालपुर दिल्ली की निवासी है।

गुरुवार को बालक की नानी जरीना और बालक का मामा इकबाल को कल्याण अधिकारी ने बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया। पूछताछ के दौरान पता चला बालक के माता पिता जिला कटिहार बिहार के निवासी है और बालक काफी समय से अपनी नानी के साथ रह रहा था। बालक कई बार अपने घर से भाग चुका था और अपने दस्ताबेज जैसे की आधार कार्ड इसने फाड़ दिया था। बालक तीन साल से कहाँ था उसके परिजनों को कुछ नहीं पता और न ही बालक की कोई मिसिंग इनके द्वारा दर्ज करवाई गयी थी।

बालक को उसकी नानी ज़रीना के सुपुर्द किया गया है और उसको फॉलो अप पर रखा गया है।

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