गया : बिहार के गया में विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला 28 सितंबर यानी कि गुरुवार से शुरू हो रहा है। पितृपक्ष मेला की तैयारी को अंतिम रूप जिला प्रशासन द्वारा दे दिया गया है। वहीं, बुधवार को गया के जिला पदाधिकारी डॉ त्यागराजन एसएम ने पितृपक्ष मेला क्षेत्र का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 10 लाख तीर्थयात्री गया को आए थे, इस वर्ष उससे ज्यादा तीर्थयात्री यहां पहुंचेंगे।
पितृ पक्ष मेले में पितरों को मोक्ष की कामना के लिए पहुंचते हैं तीर्थ यात्री
पितृपक्ष मेले में पितरों को मोक्ष दिलाने के निमित्त तीर्थ यात्री हर साल लाखों की संख्या में गया जी को आते हैं। देश के कोने-कोने से जहां तीर्थ यात्रियों का आगमन होता है। वहीं, विदेशों से भी तीर्थ यात्री श्रद्धा भाव से अपने पूर्वजों का पिंडदान तर्पण करने मोक्ष भूमि गया जी को पहुंचते हैं। पितृ पक्ष मेला से संबंधित कुल 55 पिंड वेदी हैं, जिसमें 45 पिंड वेदी एवं नौ तर्पण स्थल गयाजी में स्थित है। वहीं एक पिंडवेदी पुनपुन पटना जिला अंतर्गत है।
6 हजार अतिरिक्त बलों की रहेगी तनाती
इस बार विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले में सुरक्षा व्यवस्था को ठोस किया गया है। संपूर्ण मेला क्षेत्र को 43 जोन में विभक्त कर 329 सेक्टर में बांटा गया है। वहीं, इसके लिए पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी एवं पुलिस अफसर की तैनाती की की गई है। जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार छह हजार अतिरिक्त बलों की तैनाती इस बार पितृपक्ष मेले में की गई है। वहीं, गया शहर में स्थित नौ थानों से 10-10 बाइक गश्ती वाहन के पुलिसकर्मी आधुनिक तकनीक से लैस होकर सक्रिय रहेंगे। प्रशासनिक दृष्टिकोण से 19 समितियों का गठन किया गया है। प्रत्येक समिति में पदाधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है।
पिछले बार से इस दफा ज्यादा पिंडदानी गया जी को पहुंचेंगे : जिला पदाधिकारी
इस संबंध में गया जिला पदाधिकारी डॉक्टर त्यागराजन एसएम ने इस संबंध में बताया कि पितृपक्ष मेला को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था और साफ सफाई व्यवस्था समेत सभी व्यवस्थाओं को सुदृढ किया गया है। पूरी कोशिश की गई है कि यहां आने वाले देश-विदेश के पिंडदानियों को कोई असुविधा न हो। 329 सेक्टर में मेला जोन को बांटा गया है और अफसरों की तैनाती की गई है। पिछले बार से इस साल ज्यादा पिंडदानी पितृपक्ष मेले में आएंगे।
आशीष कुमार की रिपोर्ट
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