रांची: मंजर इमाम,दानिश रियाज, यासीन भटकल,अब्दुल रहमान कटकी,फैजान अंसारी समेत कई आतंकियों का ठिकाना झारखंड रहा है।
अब तीन लाख इनामी मोस्ट वांटेड आतंकी शहनवाज को दबोचा गया है। जिसके बाद एक बार फिर झारखंड का नाम आतंकियों के ठिकाने के लिए सुर्खियों में आ गया है। इसके गिरफ्तारी के बाद झारखंड पुलिस भी सतर्क हो गई है।
दरअसल झारखंड में आतंकियों का स्लीपर सेल हमेशा एक्टिव रहा हैं। राज्य के कई शहरों से आतंकी गिरफ्तार भी हुए है।

खासकर हजारीबाग,जमशेदपुर और रांची जैसे शहरों से मोस्ट वांटेड आतंकी भी दबोचे गए है।अब आतंकियों की गिरफ्तारी को लेकर एक बार फिर से झारखंड का हजारीबाग शहर चर्चा में है।
क्योंकि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के द्वारा गिरफ्तार किए गए तीन आतंकियों में से शाहनवाज आलम उर्फ अब्दुल्ला हजारीबाग का ही रहने वाला है। अब्दुल्ला के ऊपर नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने( एनआईए) तीन लाख रुपये का इनाम भी रखा था ।
वहीं पेलावल का रहने वाला गिरफ्तार आतंकी शाहनवाज आलम का नाम 5 वर्ष पूर्व ही आतंकियों की लिस्ट में सामने आया था। जिसके बाद से वह फरार चल रहा था।

वहीं रांची कनेक्शन की बात करें तो वर्ष 2016 में शाहनवाज का पासपोर्ट रांची से ही बनाया गया था। सूत्रों की माने तो शाहनवाज का रांची भी आना जाना था।
लेकिन रांची आने जाने की वजह क्या थी। इसका खुलासा होना अभी बाकी है। उसके ऊपर भारत के कई शहरों में आतंकी साजिश रचने का आरोप है।
फिलहाल शाहनवाज को रिमांड पर लेकर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल पूछताछ कर रही है। जिसमे कई अहम खुलासे हो सकते है।
आतंकी कनेक्शन को लेकर झारखंड का हजारीबाग शहर काफी संवेदनशील भी रहा है। यह पहली बार नहीं है जब हजारीबाग का रहने वाला कोई युवक आतंकी के रूप में गिरफ्तार हुआ हो।
वर्ष 2002 में कोलकाता के अमेरिकन सेंटर पर हमला करने वाले तीन आतंकी हजारीबाग में एनकाउंटर में मारे गए थे। 28 जनवरी 2002 को हजारीबाग के सदर थाना क्षेत्र के खिरगांव मोहल्ले में इदरीश और सलीम एनकाउंटर में मारे गए थे। दोनों आतंकी संगठन लश्कर से जुड़े हुए थे।
वही 29 फरवरी 2012 को हजारीबाग से ही आतंकी तौफीक को गिरफ्तार किया गया था। जबकि वर्ष 2017 में हजारीबाग से ही रोहिंग्या मुसलमान के मामले को लेकर युवाओं को भड़काने और अलकायदा का बेस कैंप बनाने की तैयारी में जुटे आतंकियों का भी कनेक्शन सामने आया था। इस मामले में भी दिल्ली से कई गिरफ्तारियां की गई थी।


