गया : बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर शनिवार को गया पहुंचे। उन्होने अपने पितरों के निमित्त पिंडदान का कर्मकांड किया। राज्यपाल ने सात गोत्र में 121 कुल के उद्धार के लिए पिंडदान किया। इन्होंने विष्णुपद, फल्गु और अक्षयवट का पिंडदान का कर्मकांड किया।
सात गोत्र में 121 कुल के उद्धार के लिए किया पिंडदान
बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ शनिवार को गया पहुंचे। गया में उन्होंने पितरों के निमित्त पिंडदान का कर्मकांड किया। इन्होंने सात गोत्र में 121 कुल के उद्धार के लिए पिंडदान का कर्मकांड पूरा कराया। विष्णुपद, फल्गु नदी और अक्षयवट का इन्होने पिंडदान किया।
करीब 2 घंटे रुक राज्यपाल
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर सुबह के नौ बजे के करीब गया विष्णुपद मंदिर को पहुंचे थे। करीब दो घंटे तक पिंडदान के कर्मकांड का विधि विधान पूरा कराया। इसके बाद 11:00 बजे के बाद में वे पिंडदान का कर्मकांड पूरा करा गया से रवाना हो गए।
सात गोत्र में 121 कुल के उद्धार के लिए राज्यपाल ने किया पिंडदान – गयापाल पंडा
इस संबंध में गयापाल पंडा व राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर का पिंडदान का कर्मकांड कराने वाले गयापाल पंडा बच्चू लाल चौधरी ने बताया कि राज्यपाल के द्वारा पिंडदान का कर्मकांड कराया गया है। विष्णुपद, अक्षयवट और फल्गु नदी का पिंडदान का कर्मकांड कराया गया। राज्यपाल ने सात गोत्र माता-पिता, नाना नानी, सास ससुर और गुरु के निमित्त पिंडदान किया। सात गोत्र में उनके 121 कुल का उद्धार की कामना की गई है।
दो घंटे तक रहे
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर गया के विष्णुपद में करीब दो घंटे तक रहे। सुबह में वह नौ बजे के करीब विष्णुपद को पहुंचें। इसे लेकर जिला प्रशासन के द्वारा नौ बजे से लेकर 9:20 तक घुंघड़ीटांंड़ बाईपास होते हुए नारायणी पुल बंगाली आश्रम रोड को उक्त अवधि के लिए अवरुद्ध (बंद) किया गया है। वहीं, राज्यपाल 11:00 बजे के बाद वापसी को लेकर 11 बजे से 11:20 तक विष्णु पद मंदिर से बंगाली आश्रम होते हुए नारायणी पुल बाईपास तक का रास्ता जिला प्रशासन द्वारा अवरुद्ध (बंद) किया गया।
आमजन एवं पंडा समाज से जिला प्रशासन ने की थी अपील
राज्यपाल के आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन के द्वारा आम जनों एवं पंडा समाज के लोगों से अपील की गई थी। कहा गया था कि उक्त रूट में उस समय लोग आवागमन न करें। जिला प्रशासन गया की ओर से आमजन एवं पंडा समाज से अपील किया गया है, कि उक्त रास्ते का उक्त अवधि में कम से कम उपयोग करें।
उपराष्ट्रपति कर चुके हैं पिंडदान
पितृ पक्ष मेले में पितरों के निमित्त पिंडदान तर्पण कर्मकांड के लिए विशिष्ट अतिथियों का आगमन जारी है। जानकारी हो कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ इस बार के पितृपक्ष मेले में आए और अपने पितरों के निमित्त पिंडदान कर इसी सप्ताह को लौटे हैं। उपराष्ट्रपति के विष्णुपद आगमन और प्रस्थान के दौरान भी मार्ग को अवरुद्ध किया गया था। अब बिहार के राज्यपाल के आगमन को लेकर मार्ग को जिला प्रशासन द्वारा बताए गए समय में अवरुद्ध रखा गया।
आशीष कुमार की रिपोर्ट
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