रांची: 26 से 28 नवंबर तक राज्यस्तरीय महापड़ाव का आयोजन ट्रेड यूनियनों द्वारा किया जा रहा है, जो रांची में होगा। इस महापड़ाव का आयोजन संयुक्त किसान मोर्चा और स्वतंत्र फेडरेशनों के आह्वान पर हो रहा है, जिसमें राज्य के ट्रेड यूनियनें सहभागी हैं। सीटू, इंटक, एटक, एआईसीसीटीयू, एचएमएस, झारखंड राज्य किसान सभा, एआईकेएम, और अन्य ट्रेड यूनियनें इस महापड़ाव में शामिल होंगी।
सीटू के प्रकाश विप्लव ने बताया कि कार्यक्रम की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और महापड़ाव के लिए प्रचार-प्रसार कार्यक्रम भी चल रहा है। इसके तहत, गाँवों में अभियान चलाया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण कार्यक्रम में भाग ले सकें।
राज्य में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान के बाद प्रचार अभियान चलाया गया है, जो नयी दिल्ली में आयोजित मजदूरों-किसानों के अखिल भारतीय संयुक्त सम्मेलन की घोषणा के अनुसार हो रहा है। इस सम्मेलन में मजदूरों, किसानों, और आम जनता से जुड़े 21 सूत्री मांगों को जन मुद्दा बनाया जा रहा है।
इन 21 सूत्री मांगों में प्रमुख मांग
- किसानों के लिए वैधानिक एमएसपी सुनिश्चित करना
- विनिवेश और एनएमपी के प्रयासों को समाप्त करना
- बिजली संशोधन विधेयक एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति वापस करना
- अनौपचारिक क्षेत्र के कामगार ठेकेदार कामगार एवं स्कीम वर्करों के लिए कानूनी तथा सामाजिक सुरक्षा
- समान काम के लिए समान वेतन
- शहरी क्षेत्रों के लिए रोजगार गारंटी
- चार मजदूर लेबर संहिताओं को समाप्त करना


