रांची: बैंक कर्मचारियों के 12वें वेतन पुनरीक्षण समझौते पर सरकार, भारतीय बैंक संघ व बैंक यूनियनों के बीच सहमति बन गयी है. यह एक नवंबर 2022 से प्रभावी होगा.
साथ ही प्रबंधन स्तर से सार्वजनिक बैंक, निजी क्षेत्र के बैंक और ग्रामीण बैंकों में लागू होगा. समझौते के तहत बैंक कर्मचारियों के मूल वेतन, मंहगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, वाहन भत्ता आदि में कुल 17 फीसदी का इजाफा होगा.
यह बढ़ोतरी 5000 से 15000 रुपये तक होने का अनुमान है. एआइबीओसी-जीएस रूपम रॉय ने समझौते के तहत पेंशनभोगियों की मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाने और पांच दिवसीय कार्य सप्ताह के लिए भारत सरकार को अनुकूल सिफारिशें भेजने के निर्णय को स्वागत योग्य बताते हुए सभी को बधाई दी है.
यूएफबीयू के बैनर तले बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की एकजुटता का परिणाम बताया है. वहीं, बैंक यूनियंस के प्रवक्ता सह ज्वाइंट फोरम ऑफ ग्रामीण बैंक यूनियंस के राष्ट्रीय संयोजक डीएन त्रिवेदी ने बताया कि महंगाई भत्ता का विलय मूल वेतन में कर दिया जायेगा और विलय के बाद वेतन संशोधन में ३% का अतिरिक्त भार जोड़ा जायेगा.




