
Aseem Mandal Naxal Surrender, रांची: झारखंड और पश्चिम बंगाल में सक्रिय प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। एक करोड़ रुपये के इनामी शीर्ष नक्सली नेता असीम मंडल के पश्चिम बंगाल में हथियार के साथ आत्मसमर्पण करने की सूचना है। हालांकि, इस पूरे मामले की पुलिस की ओर से अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। असीम मंडल लंबे समय से झारखंड और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय बताया जाता रहा है। वह माओवादी संगठन के शीर्ष नेताओं में शामिल रहा है। उसके आत्मसमर्पण की खबर सामने आने के बाद नक्सल विरोधी अभियान से जुड़े सुरक्षा तंत्र में हलचल तेज होने की बात कही जा रही है।
हथियार के साथ आत्मसमर्पण की सूचना
सूत्रों के अनुसार, असीम मंडल ने पश्चिम बंगाल पुलिस के समक्ष हथियार के साथ आत्मसमर्पण किया है। हालांकि, आत्मसमर्पण कब, कहां और किन परिस्थितियों में हुआ, इसे लेकर अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसी तरह उसके पास से किस प्रकार का हथियार बरामद हुआ और आत्मसमर्पण के दौरान कौन-कौन से अन्य सामान या दस्तावेज मिले, इसकी भी पुलिस की ओर से पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में फिलहाल असीम मंडल के आत्मसमर्पण की खबर को आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। पुलिस की ओर से बयान आने के बाद ही मामले से जुड़े विवरण स्पष्ट हो सकेंगे।
दस्ते के तीन प्रमुख सदस्यों ने पहले किया था सरेंडर
असीम मंडल के आत्मसमर्पण की खबर ऐसे समय सामने आई है, जब हाल के दिनों में उसके दस्ते से जुड़े तीन प्रमुख सदस्यों ने पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा में आत्मसमर्पण किया था। इनमें 15 लाख रुपये के इनामी रामप्रसाद मार्डी, उसकी पत्नी और 10 लाख रुपये की इनामी मीता उर्फ नयनतारा तथा बुलु उर्फ गौरी शामिल बताए गए थे। लगातार हुए इन आत्मसमर्पणों के बाद असीम मंडल के दस्ते पर दबाव बढ़ने की बात सामने आई थी। सहयोगियों के आत्मसमर्पण के बाद उसके सामने संगठन से जुड़ी गतिविधियों को लेकर चुनौतियां बढ़ने की चर्चा थी।
ठिकाना बदल रहा था असीम मंडल
सूत्रों के मुताबिक, अपने सहयोगियों के आत्मसमर्पण के बाद असीम मंडल लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। सुरक्षा एजेंसियां भी उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थीं। इसी दौरान उसके पश्चिम बंगाल पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण की तैयारी की सूचना सामने आई। अब हथियार के साथ उसके आत्मसमर्पण की खबर सामने आने के बाद नक्सल विरोधी अभियान से जुड़े सुरक्षा तंत्र में इसकी चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, उसके आत्मसमर्पण की परिस्थितियों और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की पुष्टि आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
एक करोड़ रुपये के इनामी शीर्ष नक्सली नेता के आत्मसमर्पण की खबर को माओवादी संगठन के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। झारखंड और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में उसकी सक्रियता को देखते हुए उसके आत्मसमर्पण की सूचना सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी अहम मानी जा रही है। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पुलिस की ओर से असीम मंडल के आत्मसमर्पण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए आत्मसमर्पण की परिस्थितियों, हथियार और आगे की कार्रवाई से संबंधित किसी भी दावे की पुष्टि आधिकारिक बयान के बाद ही हो सकेगी। पुलिस की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि असीम मंडल ने किन परिस्थितियों में आत्मसमर्पण किया और उसके खिलाफ दर्ज मामलों तथा आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर क्या कार्रवाई होगी।




