गया के किसान आशीष ने शुरू की केसर की खेती, लगाए 300 बल्ब

गया : बिहार के गया के टिकारी प्रखंड के गुलरिया चक में केसर की खेती की शुरुआत हुई है। ट्रायल के तौर पर 300 बल्ब (पेड़) केसर के लगाए गए हैं। इसमें से अब फूल निकलने शुरू हो गए हैं। केसर संभवत सबसे महंगी बिकने वाली आयुर्वेदिक फल है, जो कई तरह की बीमारियों में उपयोगी साबित होती है। इसकी कीमत अनुमानित बाजारों में पांच लाख के करीब आंकी जाती है।

केसर की खेती जम्मू और कश्मीर में होती है, लेकिन अब गया में भी इसकी खेती हो रही है। बिहार में संभवत पहली बार गया जिले में केसर की खेती हो रही है। गया के किसान आशीष कुमार सिंह इसकी खेती कर रहे हैं। इन्होंने करीब 300 बल्ब केसर के लगाए हैं, जिससे फूल भी निकलने शुरू हो गए हैं।

केसर की खेती के लिए पांच डिग्री से लेकर 20 डिग्री तक का तापमान उपयुक्त बताया जाता है। किसान आशीष कुमार सिंह बताते हैं कि उन्होंने 31 अक्टूबर को केसर की खेती लगाई थी। करीब 300 बल्ब (पेड़) खेतों में लगाए गए हैं। हालांकि उन्हें 15 दिन पहले ही यह लगा देना चाहिए था, तो दिसंबर के पहले सप्ताह से ही फूल आ जाते। यह बताते हैं कि पांच डिग्री से लेकर 20 डिग्री तक के तापमान में केसर की अच्छी खेती होती है।

किसान आशीष बताते हैं कि ट्रायल के तौर पर इसकी शुरुआत की गई है। अभी 300 बल्ब लगाए गए हैं। ट्रायल सक्सेस रहा तो आने वाले दिनों में पांच कट्ठे में केसर के बल्ब लगाए जाएंगे। अभी 300 बल्ब लगाए गए हैं, उससे एक हजार फूल निकलेंगे। केसर के फूल में तीन पंखुड़ियां होती है। उसे निकाल लिया जाता है, वही केसर होता है। 300 बल्ब में करीब 100 ग्राम के आसपास केसर के फूल निकलेंगे। फिलहाल में सात हजार के करीब ही इसमें खर्च आया है और जो अनुमान है, कि 100 ग्राम केसर की पंखुड़ियां निकलेगी। उसकी कीमत अभी 45 से 50 हजार होगी।

टिकारी के इस किसान की बातों पर गौर करें, तो कम पूंजी, कम मेहनत में इसकी खेती कर लाखों की बचत कमा सकते हैं। यदि तीन हजार से चार हजार केसर के बल्ब पेड़ लगा दिए जाएं, तो उसमें से एक किलो केसर निकल सकता है, जिसकी कीमत पांच लाख तक की होती है। वहीं पूंजी की बात करें तो सिर्फ 70 से 80 हजार रुपए ही खर्च आते हैं। ऐसे में एक किलोग्राम केसर का उत्पादन कर लिया जाए, तो कम से कम तीन से चार लाख रुपए की बचत आसानी से हो सकती है।

किसान आशीष कुमार सिंह बताते हैं कि कश्मीर और गया में होने वाले केसर का अंतर मापा जाएगा। उसे जांच के लिए भी भेजेंगे। अभी 300 बल्ब लगाए हैं। ट्रायल सक्सेस रहा तो आने वाले दिन में कई कट्ठों में इसकी खेती करेंगे। एक से डेढ़ महीने में केसर का फूल निकल जाता है। इसकी बिक्री करीब पांच लाख रुपए प्रति किलो होती है।

आशीष कुमार की रिपोर्ट

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