रांची: भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अब समझ में आ चुका है कि उनका बचना अब मुश्किल है, इसलिए वे अपने विकल्प को लेकर तैयारी कर रहे हैं.
दुमका में श्री मरांडी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ईडी ने सातवीं बार समन किया है. इससे पहले के समन में वे पेश नहीं हुए, ईडी ने उन्हें ही जगह तय करने को कहा है.

ऐसे में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को समझ में आ गया है कि उनका बचना अब मुश्किल है.मरांडी ने कहा कि जैसा करता है वैसा भारता है. कहावत भी है जैसी करनी, वैसी भरनी.
इसलिए उन्हें ऐसा करना पड़ रहा है. अब जिसे सीएम बनायेंगे, उनके लिए अब जगह बना रहे है. श्री मरांडी ने कहा कि किसी को अचानक इस्तीफा दिलाना और इस्तीफे की बात को एक दिन छिपा कर रखे जाने से ऐसा लगता है कि लंबा-चौड़ा डील इसमें हुआ है या हो रहा है.
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सीएम को अच्छी तरह से पता है दूसरी आरक्षित सीट से वे अपनी पत्नी को चुनाव लड़ा नहीं सकते. उनकी पत्नी कल्पना सोरेन उड़ीसा की रहनेवाली हैं.
कल्पना सोरेन वहां के डोमिसाइल के आधार पर रिजर्व सीट पर चुनाव लड़ नहीं सकती. अगर वह अपनी पन्ती को किसी रजर्व सीट से चुनाव लड़ाते है अगर इस मामले को किसी ने अदालत में चुनाती दे दी तो वह सीट भी चली जायेगी. इसका लाभ वे नहीं ले सकतीं. इसलिए गांडेय जैसी सीट को चुना गया.

















