रोहतास : जिले के नगर परिषद बिक्रमगंज के वार्ड संख्या-5 के स्थानीय लोग कीचड़ से आने-जाने को मजबूर हैं. सड़क पर कीचड़ होने के कारण लोगों को घरों से निकलना मुश्किल हो गया है. इसकी जानकारी कार्यपालक पदाधिकारी को कई बार दी गई, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की. उल्टे कार्यपालक पदाधिकारी ने मारपीट करने की सलाह दे डली. उनके विवादित बयान से लोगों में आक्रोश है. अब कार्यपालक पदाधिकारी सूर्यानंद सिंह को निलंबित करने की मांग कर रहे हैं.
बता दें कि नगर परिषद बिक्रमगंज के वार्ड संख्या-5 स्थित तेंदूनी टोला के स्थानीय लोगों ने वर्ष 2019 में अतिक्रमण हटाने से संबंधित कार्यपालक पदाधिकारी को लिखित आवेदन दिया था. लेकिन 2 वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद भी स्थानीय लोगों के द्वारा दिए गए आवेदन के आलोक में कोई भी संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुआ. पुनः स्थानीय लोगों के द्वारा उसी अतिक्रमण व मार्ग बाधित होने का आवेदन 7 जुलाई 2021 को कार्यपालक पदाधिकारी को लिखित आवेदन दिया गया, लेकिन यह आवेदन भी आज तक धुल फ़ांकता हुआ नजर आ रहा है.
इसके बाद कार्यपालक पदाधिकारी सूर्यानंद सिंह को उनके मोबाइल पर यहां की स्थिति से फिर अवगत कराया गया. तो उन्होंने सारी हदें पार करते हुए कहा कि उक्त स्थल पर पहले मारपीट हो जाने दीजिए इसके बाद देख लेंगे.
आपको बता दें कि नगर विकास एवं आवास विभाग ने नगरपरिषद बिक्रमगंज के कार्यपालक पदाधिकारी के रूप में सूर्यानंद सिंह को शहर को स्वच्छ और सुंदर तथा विकास कार्याें को के लिए बैठाया है. लेकिन जब शहर का रक्षक ही भक्षक बनने लगे तो फिर न्याय की उम्मीद शहर के लोग किससे करेंगे.
रिपोर्ट : दयानंद
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