Advertisment

VVPAT – ईवीएम पर सुप्रीम फैसला सुरक्षित, की टिप्पणी : व्यवस्था पर भरोसा रखें, विदेशों से भारत ज्यादा उन्नत

डिजीटल डेस्क : ईवीएम में हेरफेर की आशंकाएं जताते हुए VVPAT का ईवीएम से 100 प्रतिशत मिलान करने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को याचिकाकर्ता से कहा कि हमारा सिस्टम अच्छे से काम कर रहा है। वोटरों की संख्या भी बढ़ी है जो व्यवस्था में लोगों के विश्वास को दर्शाता है। VVPAT पर्ची वोटरों को दिये जाने की दलील पर कोर्ट ने कहा कि क्या इससे मतदान की गोपनीयता नहीं प्रभावित होगी।

कोर्ट ने विदेशों के उदाहरण पर कहा कि यह मत सोचिये कि दूसरे देश भारत से ज्यादा उन्नत हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों की बहस सुनकर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

कोर्ट ने याचिकाकताओं द्वारा ईवीएम और VVPAT पर बार बार संदेह जताए जाने पर टिप्पणी करते हुए का कि हर चीज पर संदेह नहीं जताया जाना चाहिए। चुनाव आयोग ने कुछ अच्छा किया है उसकी सराहना भी की जानी चाहिए, हर बार आलोचना नहीं करनी चाहिए।

कोर्ट ने एडीआर संस्था की ओर से बहस कर रहे वकील प्रशांत भूषण से कहा कि आपने जो मुद्दे उठाए हैं उनका चुनाव आयोग की ओर से स्पष्टीकरण दिया गया है। मतदाता को चुनाव आयोग द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण से संतुष्ट होना होगा।

चुनाव आयोग ने कहा – पूरी व्यवस्था फूलप्रूफ है, हेरफेर की गुंजायश नहीं

दूसरी ओर चुनाव आयोग ने ईवीएम और VVPAT मशीनों के रखरखाव से लेकर मतदान और मतगणना तक की प्रक्रिया का विस्तार से ब्योरा देते हुए कहा कि व्यवस्था फूलप्रूफ है इसमें कोई हेरफेर नहीं हो सकता। इससे पहले कोर्ट ने गुरुवार को भी बैलेट से चुनाव की मांग फिर नकार दी थी और कहा कि उन्हें याद है कि बैलेट से वोट के वक्त क्या होता था। आयोग ने पूरी प्रक्रिया बताया। बताया कि तीनों मशीने एक दूसरे से जुड़ी रहती हैं।

जब मतदान के लिए बटन दबता है तो वीवीपैट पर्ची निकलती है और पर्ची जब कटकर बाक्स में गिर जाती है तब मत पड़ने की प्रक्रिया पूरी होती है। इसके बाद पोलिंग अधिकारी दूसरे मतदान के लिए मशीन को ऑन करता है ऐसे में किसी तरह के हेरफेर की गुंजाइश नहीं है।

3028 1 22Scope News

वीवीपैट के पारर्दशी शीशे में कोई बदलाव नहीं किया – चुनाव  आयोग

आयोग ने यह भी बताया कि वीवीपैट के पारर्दशी शीशे में कोई बदलाव नहीं किया गया है। कोर्ट ने आयोग से हर तरह का सवाल किया यहां तक कि हर वीवीपैट पर्ची या हर चुनाव चिन्ह का बार कोड जारी करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की। कोर्ट ने गुरुवार को चुनाव आयोग से ईवीएम और वीवीपैट मशीन में हेरफेर पर सजा के प्रावधान के बारे में फिर पूछा और कहा कि यह गंभीर मुद्दा है।

आयोग के वकील मनिंदर सिंह ने आईपीसी और जनप्रतिनिधित्व कानून की विभिन्न धाराओं का हवाला देते हुए कहा कि दो साल तक की सजा का प्रावधान है लेकिन कोर्ट का सीधा सवाल था कि इसमें ईवीएम से छेड़छाड़ पर सजा कहां दी गई है।

The Best Coaching Instuite in Patna
https://www.goalinstitute.org/

सालिसिटर जनरल ने ऐन चुनाव से पहले ऐसी याचिकाओं पर उठाया सवाल

सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चुनाव के ठीक पहले इस तरह की याचिकाएं लाए जाने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इससे वोटरों के मन में शंका पैदा होती है जिसका असर मतदान पर पड़ता है यह लोकतंत्र को नुकसान पहुंचता है लेकिन कोर्ट ने उनके आरोप को नकार दिया। कहा कि प्रशांत भूषण की याचिका पहले की है। समय की कमी के कारण कोर्ट उसे नहीं सुन पाया था। हां, कुछ याचिकाएं जरूर बाद में दाखिल हुई हैं लेकिन मेहता ने आगे यह भी कहा कि कल को कोई प्लांटेड आर्टिकल के लिए तैयार रहिए।

जस्टिस खन्ना ने इस पर कहा कि लोगों को सोशल मीडिया पर अपनी राय पोस्ट करने की स्वतंत्रता है और वे ऐसा कर सकते हैं। ये टिप्पणियां न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और दीपांकर दत्ता की पीठ ने गैर सरकारी संगठन एडीआर और कुछ अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान कीं।

हास्य व्यंग्य : EVM पर बंट गए वोटर, सियासी नगर में चुनाव परिणाम पर फुआ और मौसी का भौकाल..

VVPAT vvpat vvpat vvpat  vvpat 

Dhanbad Maithon Diversion: मैथन जाने वालों के लिए बड़ी परेशानी, पुल...

Dhanbad Maithon Diversion: मैथन मोड़-संजय चौक-मैथन मुख्य सड़क पर झिलिया नदी के ऊपर बन रहे पुल के पास बनाया गया एक अस्थायी डायवर्जन मंगलवार को...

JPSC Student Protest: छात्रों से बातचीत के लिए सरकार ने बनाई...

JPSC Student Protest: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र विरोध-प्रदर्शनों के बीच, राज्य सरकार ने बातचीत शुरू करने की दिशा...

Bokaro Basketball Training Centre: बास्केटबॉल ट्रेनिंग सेंटर के साथ मतदाता जागरूकता...

Bokaro Basketball Training Centre: बुधवार को जिले के DPS चास स्कूल में एक बास्केटबॉल ट्रेनिंग सेंटर का उद्घाटन किया गया। ज़िला निर्वाचन अधिकारी-सह-उपायुक्त अजय नाथ...