जामताड़ा : नारायणपुर प्रखंड के नारोडीह पंचायत के बैद्यनाथपुर गांव के ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध एवं सुलभ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 14वें वित्त से सोलर जलमीनार निर्माण के लिए लाखों रुपए खर्च किए गए लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी ग्रामीणों को जलमीनार से पानी की एक बूंद भी नहीं मिल रहा है।
बैद्यनाथपुर गाँव मे 14वें वित्त से जल मीनार निर्माण के लिए दो लाख की राशि की निकासी कर ली गई है लेकिन काम के नाम पर महज प्रारंभिक स्तर के कार्य किया गया हैं।
लगभग 2 वर्ष बीत बाद ग्रामीणों ने अधूरे जल मीनार को पूर्ण करने की मांग पंचायत के मुखिया और पंचायत सचिव से कर रहे हैं। जलमीनार कार्य पूर्ण नहीं होने से ग्रामीणों में पंचायत सचिव और मुखिया के प्रति नाराजगी भी है। ग्रामीणों की माने तो पंचायत सचिव और मुखिया की मिलीभगत से सोलर जलमीनार निर्माण के नाम पर दो लाख की राशि निकासी की गई है जबकि काम प्रारंभिक स्तर के ही हुए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सोलर जलमीनार निर्माण के नाम पर दो लाख की राशि की बंदरबांट हुई है। इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए एवं दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। बीडीओ ने कहा की बैद्यनाथपुर में सोलर जलमीनार निर्माण के लिए दो लाख की राशि निकासी करने एवं काम अपूर्ण होने की बात संज्ञान में आई है। सोलर जलमीनार जनहित से जुड़ा मुद्दा है इसके निर्माण में अनियमितता बिल्कुल अक्षम्य है।
मामलें की जांच की जाएगी अगर जांच में शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। पंचायत के मुखिया रूपलाल हेंब्रम ने कहा कि वैद्यनाथपुर गांव में सोलर जल मीनार के लिए 3. 74 लाख की राशि स्वीकृत हुई थी जिसमें से 2 लाख की निकासी की गई है। उक्त जलमीनार निर्माण जिम्मेदारी जामताड़ा के एक एजेंसी को दी गई थी। कई बार एजेंसी को कार्य पूर्ण करने को कहा गया है लेकिन अभी तक पूर्ण नहीं किया गया है।


















