Modi Government 3.0 : सीटें कम मिलीं तो केंद्र सरकार में यूपी से घटी मंत्रियों की संख्या लेकिन समीकरण का रखा पूरा ध्यान

डिजीटल डेस्क  : Modi Government 3.0सीटें कम मिलीं तो केंद्र सरकार में यूपी से घटी मंत्रियों की संख्या लेकिन उसके बावजूद बनाए गए मंत्रियों में जातियों एवं वर्ग के समीकरण का पूरा ध्यान रखा गया है। केंद्र सरकार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत यूपी से 11 मंत्री बने हैं। पिछली बार के मुकाबले इस बार मंत्रिमंडल में यूपी की हिस्सेदारी घट गई। इसके बावजूद जातीय और वर्गीय समीकरण पूरा ध्यान रखा गया ताकि सवर्ण, ओबीसी, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग का संतुलन बना रहे।

Modi Government 3.0 : कम हुई सीटों के अनुपात में केंद्र में नहीं घटी यूपी के मंत्रियों की संख्या

वर्ष 2019 में भाजपा के 62 लोकसभा सदस्य यूपी से जीते थे, जिनकी संख्या इस बार घटकर 33 रह गई है। इसकी झलक केंद्रीय मंत्रिमंडल में यूपी की कम हिस्सेदारी के रूप में देखने को मिली। हालांकि, जिस अनुपात में लोकसभा सदस्य कम हुए, उस अनुपात में मंत्रियों की संख्या कम नहीं हुई है।

पिछली सरकार में यूपी से मोदी समेत कुल 15 मंत्री थे, जिसमें 4 कैबिनेट मंत्री और शेष राज्यमंत्री थे। इस लिहाज से इस बार यूपी से सिर्फ राजनाथ सिंह और राज्यसभा सदस्य हरदीप पुरी ही कैबिनेट मंत्री बने हैं। Modi Government Modi Government

Modi Government 3.0 : नए मंत्रिमंडल में पीएम मोदी ने रखा सामाजिक समीकरण का ख्याल

पिछली सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे महेन्द्र नाथ पांडेय और स्मृति ईरानी चुनाव हार गई हैं। इस वजह से भी इस बार कैबिनेट मंत्रियों की संख्या घटी हैं। फिर भी मोदी ने हारी हुई सीटों के अनुपात में हिस्सेदारी में उतनी कमी न करते हुए अगड़े-पिछड़ों के साथ दलितों के बीच संतुलन साधने की कोशिश की है। यूपी में कम सीटें आने के बाद भी मोदी ने सामाजिक समीकरण के ताने-बाने का ख्याल रखा है।

मोदी ने इस बार दो ठाकुर, दो कुर्मी, एक-एक ब्राम्हण, लोध, जाट और सिख जाति को मौका दिया है जबकि दलित समाज से इस बार भी दो लोगों को मंत्री बनाया गया है। इसमें एसपी सिंह बघेल को जहां दुबारा मौका दिया है, वहीं बांसगांव के सांसद कमलेश पासवान को पहली बार जगह मिली है। पिछली बार इस समाज से कौशल किशोर मंत्री थे. लेकिन इस बार वह चुनाव हार गए हैं। Modi Government

Modi Government 3.0 : नई सरकार में यूपी से जितिन प्रसाद अकेले ब्राह्मण चेहरा, बढ़ाया गया कद

यूपी में भाजपा की सीटें भले ही कम हुई हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूपी की हिस्सेदारी के साथ ही जातीय और क्षेत्रीय संतुलन का खास ख्याल रखा है । सीटें कम होने के बाद भी यूपी के कोटे से जहां 10 मंत्री बनाए गए हैं, वहीं हर वर्ग व समाज को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है। जातीय समीकरण के लिहाज से ओबीसी और दलितों की हिस्सेदारी में कोई कमी नहीं रखा है। पिछले मोदी सरकार में पीएम समेत यूपी से 15 मंत्री थे, जो कि इस बार 11 हैं।

यूपी के पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद को भी राज्यमंत्री स्वतंत्र (प्रभार) की जिम्मेदारी मिली है। वह ब्राह्मण वर्ग से अकेले केंद्रीय मंत्री हैं। मेनका व वरुण गांधी की परंपरागत सीट माने जाने वाली पीलीभीत में बेहतर प्रदर्शन करने वाले जितिन प्रसाद को भी स्वतंत्र प्रभार का मंत्री बनाकर उनका कद बढ़ाया गया है। इसी तरह चुनाव घोषित होने के ऐन पहले इंडिया छोड़ एनडीए में शामिल होने वाले रालोद प्रमुख जंयत चौधरी को भी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) का इनाम मिला।

चौधरी पश्चिमी उत्तर प्रदेश का जाट चेहरा होने के साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के पौत्र व चौधरी अजित सिंह के बेटे हैं। राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। विधानसभा चुनाव सपा के साथ मिलकर लड़े और सपा के समर्थन से राज्यसभा पहुंचे। अब रालोद एनडीए गठबंधन के साथ है। उनकी पार्टी के दो सांसद जीते हैं।

यूपी में भाजपा की सीटें भले ही कम हुई हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूपी की हिस्सेदारी के साथ ही जातीय और क्षेत्रीय संतुलन का खास ख्याल रखा है । सीटें कम होने के बाद भी यूपी के कोटे से जहां 10 मंत्री बनाए गए हैं, वहीं हर वर्ग व समाज को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है।
तीसरी बार पीएम पद की शपथ लेने के लिए राष्ट्रपति भवन पहुंचे नरेंद्र मोदी का अभिवादन करते भाजपा नेता

केंद्रीय मंत्रिमंडल में यूपी के क्षेत्रीय संतुलन पर भी रहा फोकस, ओबीसी को ज्यादा भागीदारी

इस बार मोदी मंत्रिमंडल में भले ही यूपी से मंत्रियों की संख्या कम हुई है, लेकिन क्षेत्रीय संतुलन का खास ख्याल रखा गया है। अवध क्षेत्र में सिर्फ दो सीट जीतने के बावजूद राजनाथ से सिंह के साथ गोंडा से जीते कीर्तिवर्धन सिंह को मंत्री बनाकर अवध क्षेत्र को सम्मान दिया है, वहीं गोरखपुर क्षेत्र से पंकज चौधरी और कमलेश पासवान को मौका देकर क्षेत्रीय व ओबीसी और दलित फैक्टर को साधने की कोशिश की है।

इसी तरह पूर्वांचल से खुद पीएम मोदी के अलावा अनुप्रिया शामिल हैं। इस बार केंद्रीय मंत्रिमंडल में यूपी से सबसे अधिक भागीदारी ओबीसी को मिली है। प्रधानमंत्री समेत कुल 4 ओबीसी चेहरों को मंत्री बनाया गया है। इनमें मोदी के अलावा कुर्मी समाज से अनुप्रिया पटेल और पंकज चौधरी को मंत्री बनाया गया है। अनुप्रिया 2014 से लगातार मंत्रिमंडल में हैं, जबकि पंकज चौधरी को दूसरी बार लगातार मौका मिला है। लोध समाज से बीएल वर्मा और जाट चेहरे के तौर रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी मंत्री बनाए गए हैं। इस बार ब्राह्मण चेहरे के तौर सिर्फ जितिन प्रसाद को ही मिला है। Modi Government Modi Government Modi Government

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