
रांची : राज्य सरकार के पदाधिकारियों, कर्मियों, पेंशनरों आदि के स्वास्थ्य बीमा को लेकर बीमा कंपनी के चयन के लिए पूर्व में निकाला गया टेंडर रद कर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने पुराने टेंडर को रद करते हुए अब नए सिरे से टेंडर आमंत्रित किया है। स्वास्थ्य विभाग ने इस वर्ष की शुरुआत में ही बीमा कंपनी के चयन के लिए टेंडर आमंत्रित किया था।
पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य श्रीमा के लिए टेंडर भरनेवाली कंपनियों में से दो कंपनियां टेक्निकल बिड में चयनित हुई थीं। बताया जाता है कि दो ही कंपनियों के तकनीकी ब्रिड में योग्य पाए जाने के कारण इसका फाइनेंशियल बिड नहीं खुला। इसपर वित्त विभाग से भी परामर्श लिया गया था।
दो ही कंपनियों के तकनीकी बिड में योग्य पाए जाने के आधार पर नए सिरे बताते चलें कि बीमा कंपनी का चयन तीन वर्ष के लिए होना है। श्रीमित कर्मियों एवं उनके
आश्रितों का पांच लाख रूपये तक कैशलेस इलाज सूचीबद्ध अस्पतालों में होगा। गंभीर रोग की स्थिति मे 10 लाख रूपये तक का भुगतान बीमा कंपनी कारपोरेट फंड से करेगी।
इससे अधिक राशि का दावा होने पर उसका भुगतान सोसायटी द्वारा किया जाएगा। ईमरजेंसी की स्थिति में बीमित कर्मी या उनके आश्रित गैर सूचीबद्ध अस्पताल में भी भर्ती हो सकेंगे।
स्वास्थ्य बीमा का लाभ कर्मियों के साथ-साथ उनके आश्रितों को भी मिलेगा। इनमें कर्मी के पति/पत्नी, पुत्र/वैध दत्तक पुत्र (25 वर्ष की आयु तक बशर्ते बेरोजगार हो), पुत्री (अविवाहित/ विधवा / परित्यकता पुत्री)/ नाबालिग भाई एवं अविवाहित बहन एवं आश्रित माता-पिता (प्रतिमाह नौ हजार तथा उसपर अनुमान्य महंगाई राहत से कम पेंशन प्राप्त करने वाले) सम्मिलित होंगे। दिव्यांग बच्चे को इसका लाभ आजीवन मिलेगा।




