रांचीः रिनपास में दवा खरीद में अनियमितता मामले की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में हुई.
अदालत ने इस मामले में राज्य सरकार और रिनपास को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. सुनवाई के दौरान अधिवक्ता पांडे नीरज राय ने कोर्ट को बताया कि दवा खरीदारी के लिए रिनपास ने टेंडर जारी किया था. टेंडर डालने वाली अन्य कंपनियों ने 10 टेबलेट के दाम कोट किया जबकि एक कंपनी ने मात्र एक टेबलेट का दाम कोट किया और उसे एल वन घोषित कर दिया गया. इसके चलते रिनपास को लगभग 27 प्रतिशत ज्यादा मूल्य चुकाना पड़ रहा है.
इसके साथ ही निविदा की शर्तों के मुताबिक दवा का सप्लायर लोकल होना था, लेकिन निविदा की शर्तो को उल्लघंन कर बेंगलुरु की कंपनी को ही सप्लायर भी बना दिया गया.
इस पर अदालत ने कहा कि अगर इस बीच दवा खरीद का आदेश जारी होता है तो वह कोर्ट के अंतिम आदेश से प्रभावित होगा.
रिपोर्ट-प्रोजेश
कांके डैम अतिक्रमण मामले में सरकार के शपथ पत्र दाखिल नहीं करने पर हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी


