रांचीः Jharkhand में इन दिनों युवाओं के द्वारा लगातार अपनी मांगो को लेकर धरना-प्रदर्शन किया जा रहा हैं। राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में आज JSSC-PGT और JEE परीक्षा में हुए गड़बड़ी की जांच CBI और ED से कराने की मांग को लेकर आज अनिश्चितकालीन धरने पर अभ्यर्थी और छात्र नेता बैठ गए हैं।
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हालांकि आज अभ्यर्थियों की संख्या कम होने की वजह से मुख्यमंत्री आवास घेराव करने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया और कहा गया है आगे बैठक कर इस विषय पर निर्णय लिया जाएगा। अभ्यर्थियों की माने तो जेएसएससी और जेपीएससी लगातार विवादों में रहा है अब उनका भरोसा इससे उठता जा रहा है लेकिन सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि अब भी उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ ना किया जाए।
युवाओं की उम्र अब खत्म हो रही है
अभ्यर्थियों की माने तो अब उनकी उम्र खत्म हो रही है। आयोग जिस एजेंसी को खुद दोषी मानता है उसी को एग्जाम लेने के लिए फिर छूट देती है। ऐसे में निष्पक्ष और कदाचार मुक्त परीक्षाएं कैसे हो सकती है, साथ ही अभ्यर्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि बोकारो और रांची के सेंटरों से एक कमरे से और एक सेंटर से सबसे ज्यादा अभ्यर्थी अधिक अंक लाने में कामयाब हुए हैं यह कैसे संभव है। इसी की जांच सबसे पहले सीबीआई से होनी चाहिए।
इसको लेकर अभ्यर्थी मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन से भी मिलना चाह रहे हैं, लेकिन उनसे उन्हें मिलने नहीं दिया जाता है। लगातार प्रयास के बावजूद भी ये सभी नहीं मिल पाते हैं। इसके साथ ही कांग्रेस विधायक अंबा प्रसाद पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जो अभ्यर्थी इस गड़बड़ी में शामिल हैं वह धरने पर बैठे हैं और वे लोग बार-बार उनके साथ जाकर मुख्यमंत्री से मिल लेते हैं।
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ऐसे में यह समझने वाली बात है कि जब जांच होगी तो वह अभ्यर्थी भी सामने आएंगे जो इसमें सम्मिलित है और अभी धरना पर बैठे हैं और जल्द रिजल्ट जारी करने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में अभ्यर्थियों का कहना है कि अब आखिरी गुहार सरकार से है कि हम सबों के भविष्य के साथ खिलवाड़ ना किया जाए। हमारी मांग है कि एक निष्पक्ष जांच के साथ सही रिजल्ट जारी किया जाए ताकि हम सबों का भविष्य उज्जवल हो सके।


