मुजफ्फरपुर: करीब 75 साल पहले 1947 में भारत देश अंग्रेजो की गुलामी से आजाद जरूर हुआ। परंतु, कानून आज भी उन्हीं का बनाया हुआ लागू है। हालांकि, आजादी के बाद कानून में कई सारे बदलाव भी हुए हैं। अब देश में आपराधिक कानून को पूरी तरह बदलने के लिए IPC की जगह तीन नए कानून बनाए गए हैं, जो आने वाले 1 जुलाई 2024 से देशभर में लागू हो जाएगा। इन नए अपराधिक कानूनों को समझने के लिए मुजफ्फरपुर पुलिस द्वारा 1000 से अधिक पुलिस अधिकारियों को पुलिस लाइन में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
नए अपराधिक कानून लागू होने के बाद इंडियन पीनल कोड (IPC-1860) की जगह भारतीय न्याय संहिता, क्रिमिनल प्रोसीजर कोड (CRPC-1973) की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और एविडेंस एक्ट (1872) की जगह भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू होगा। नए कानूनों के लागू होने से धाराओं में भी बदलाव होंगे। जैसे – पहले हत्या के लिए लगने वाली धारा 302 अब 103 कहलाएगी, ठगी के लिए धारा 420 अब 316 कहलाएगी।
धाराओं में हुआ संशोधन
हत्या की कोशिश के लिए 307 की जगह 109, दुष्कर्म के लिए 376 की जगह 63 होगा। इसके साथ ही ट्रायल कोर्ट के अंदर तीन साल के भीतर फैसला भी सुनाना पड़ेगा। पहले IPC कानून 511 धाराएं शामिल थी। नए कानून में इनकी संख्या घटकर 358 रह गई है। इनमें 21 नई धाराओं को भी जोड़ा गया है। इसी प्रकार CRPC कानून में 484 धाराएं थी, जो बढकर 531 हो जाएगी। इसमें 177 नई धाराएं जोड़ी गई है। गिरफ्तारी, जांच और मुकदमा चलना CRPC मे ही होगा।
सिटी एसपी अवधेश दीक्षित ने बताया कि आगामी 1 जुलाई से तीन नए कानून लागू होने को लेकर पुलिस हेडक्वार्टर के निर्देश पर मुजफ्फरपुर के हजार से अधिक पुलिस अधिकारियों को पुलिस लाइन में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे आमजन को काफी फायदा होगा।
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मुजफ्फरपुर से संतोष कुमार की रिपोर्ट
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