Hemant Returns In Power : तीसरी बार सत्ता संभालते ही बोले हेमंत सोरेन –अब पांच महीने बाद स्टीयरिंग संभाला हूं…इसमें ड्राइवर भी मैं ही और खलासी भी

रांची : Hemant Returns In Power – तीसरी बार सत्ता संभालते ही बोले हेमंत सोरेन –अब पांच महीने बाद स्टीयरिंग संभाला हूं…इसमें ड्राइवर भी मैं ही और खलासी भी। बतौर सीएम झारखंड की सत्ता तीसरी बार संभालने के बाद पत्नी कल्पना सोरेन संग मुख्यमंत्री कार्यालय से प्रसन्न मुद्रा में हेमंत सोरेन बाहर निकले। मीडियावालों के कैमरे के फ्लैश, भीड़ और शोर के बीच वह सीधे अपनी कार तक पहुंचे एवं  ड्राइविंग सीट पर बैठे। पास वाली सीट पर उनकी पत्नी और गांडेय की विधायक कल्पना सोरेन भी कार में बैठीं। उस दौरान मीडिया की ओर से पूछे जा रहे सवालों का मुस्कुराते हुए हेमंत सोरेन ने अपने अंदाज में बहुअर्थी जवाब दिया – ‘जरा सामने से हट जाएं, कुछ भी हो सकता है….क्योंकि पांच माह बाद स्टीयरिंग संभाला हूं…इसमें ड्राइवर भी मैं ही हूं और खलासी भी…बहुत लोग मेरे पीछे पड़े हुए थे लेकिन अब फिर से….।’ इसी क्रम में हेमंत द्वारा कार स्टार्ट किए जाने के साथ ही बगल की सीट पर बैठीं कल्पना सोरेन ने अपने पति के लिए मीडिया से कहा कि उन्होंने अब ठीक से स्टीयरिंग संभाल ली है, चिंता ना करें।

सियासी सफर में तीसरी बार सीएम बने हेमंत राज्यसभा सांसद भी रहे तो डिप्टी सीएम भी

झारखंड में गुरूवार को एक बार फिर नेतृत्व परिवर्तन हुआ और हाल ही में जेल से छूटे हेमंत सोरेन ने तीसरी बार राज्य के सीएम पद की शपथ ली। इससे पहले बुधवार को चंपई सोरेन ने झारखंड के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था। चंपई सोरेन ने ही विधायक दल के नेता और राज्य के अगले मुख्यमंत्री के रूप में हेमंत सोरेन के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से विधायकों ने पारित कर दिया। उसी के बाद हेमंत सोरेन ने सरकार बनाने का दावा पेश किया और गुरूवार को करीब पांच महीने बाद झारखंड की सत्ता संभाल ली। उनको 31 जनवरी को जमीन घोटाले से जुड़े धन शोधन के मामले में गिरफ्तार किया गया था जिसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था। अब तक के सियासी सफर में हेमंत से झारखंड की ओर से राज्यसभा सदस्य के रूप में संसद में प्रतिनिधित्व किया तो राज्य के उपमुख्यमंत्री भी बने थे।

झारखंड में गुरूवार को एक बार फिर नेतृत्व परिवर्तन हुआ और हाल ही में जेल से छूटे हेमंत सोरेन ने तीसरी बार राज्य के सीएम पद की शपथ ली।
तीसरी बार सीएम का कार्यभार संभालने के बाद अपनी कार की ड्राइविंग सीट संभालते हेमंत सोरेन

विरासत में हेमंत को मिली है झारंखड की सियासत

हेमंत सोरेन को राजनीति विरासत में मिली। उनके पिता शिबू सोरेन खुद तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रहे। इसके अलावा हेमंत के बड़े भाई दिवंगत दुर्गा सोरेन भी विधायक थे। हेमंत ने 2005 में दुमका से स्टीफन मरांडी के खिलाफ अपना पहला चुनाव लड़ा, जिसमें वे हार गए। फिर जून 2009 में वे राज्यसभा के सदस्य बने। हालांकि, 2009 के अंत में हुए विधानसभा चुनाव में वह दुमका सीट से विधायक चुने गए। विधायक चुने जाने के बाद हेमंत सोरेन ने राज्यसभा की सदस्यता छोड़ दी। अर्जुन मुंडा के तीसरे कार्यकाल में सितंबर 2010 से जनवरी 2013 तक हेमंत झारखंड के उपमुख्यमंत्री रहे। उसके बाद कांग्रेस और राजद के समर्थन से हेमंत सोरेन झारखंड के मुख्यमंत्री बने। जुलाई 2013 में उन्होंने पहली बार झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। हेमंत का पहला कार्यकाल करीब 17 महीने का रहा। फिर वर्ष 2014 में हुए विधानसभा चुनाव में जेएमएम को हार झेलनी पड़ी और भाजपा को जीत मिली। हालांकि, हेमंत सोरेन बरहेट सीट से जेएमएम के विधायक चुने गए। उन्होंने रघुबर दास सरकार के दौरान जनवरी 2015 से दिसंबर 2019 तक झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी निभाई।

चुनौतियों वाला रहा हेमंत सोरेन का झारखंड में दूसरा कार्यकाल

झारखंड में पिछला विधानसभा चुनाव 2019 में हुआ था जिसमें हेमंत सोरेन की जेएमएम को जीत मिली। इस जीत के बाद जेएमएम ने कांग्रेस और राजद के साथ मिलकर राज्य में महागठबंधन की सरकार बनाई जिसके मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बने। 29 दिसंबर 2019 को हेमंत सोरेन ने दूसरी बार झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। हेमंत सोरेन का दूसरा कार्यकाल काफी चुनौतियों वाला रहा। 2022 में चुनाव आयोग ने झारखंड के तब के राज्यपाल रमेश बैस को एक याचिका पर अपनी राय भेजी थी जिसमें मांग की गई कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को खुद को एक खनन पट्टा देकर चुनावी कानून का उल्लंघन करने के लिए विधायक के रूप में अयोग्य ठहराया जाए। हेमंत की मुश्किलें यहीं कम नहीं हुईं। 31 जनवरी 2024 को भूमि घोटाले के आरोपों के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी से ऐन पहले उन्होंने पद से त्यागपत्र दिया। हालांकि, पिछले महीने सोरेन को बड़ी राहत के रूप में जमानत मिल गई और 28 जून को उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया। चंपई सोरेन ने 3 जुलाई 2024 को झारखंड के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। अब 4 जुलाई को हेमंत सोरेन तीसरी बार झारखंड के मुख्यमंत्री बन गए हैं।

हेमंत सोरेन ने राजभवन में झारखंड के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के दौरान उनके पिता शिबू सोरेन माता रूपी सोरेन मौजूद रहे।
तीसरी बार सीएम का कार्यभार संभालने के बाद कार ड्राइव कर घर को रवाना होते हेमंत सोरेन

तीसरी बार बेटे को झारखंड की सत्ता संभालने के दौरान माता-पिता दोनों रहे मौजूद

हेमंत सोरेन ने राजभवन में झारखंड के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के दौरान उनके पिता शिबू सोरेन माता रूपी सोरेन मौजूद रहे। राजभवन के सामने झामुमो कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी की। हालांकि, बाद में पुलिस के मना करने पर रुक गए। बता दें कि तीसरी बार झारखंड के मुख्यमंत्री बने हेमंत सोरेन राज्य के तीन बार के सीएम रहे शिबू सोरेन के बेटे हैं। हेमंत सोरेन के प्रारंभिक जीवन को देखें तो उनका जन्म 10 अगस्त 1975 को शिबू सोरेन और रूपी सोरेन के घर हुआ था। हेमंत ने 1990 में पटना के एमजी हाई स्कूल से मैट्रिक की पढ़ाई की। इसके बाद 1994 में पटना हाई स्कूल से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने रांची के बीआईटी (मेसरा) में मैकेनिकल इंजीनियरिंग में दाखिला लिया और लेकिन कुछ कारणों से पढ़ाई पूरा नहीं कर पाए। पढ़ाई के बाद हेमंत ने इंजीनियरिंग फर्मों के साथ काम किया। हेमंत की शादी कल्पना सोरेन से हुई है और उनके दो बेटे हैं।

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