रांची : झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस एसएन पाठक की अदालत में सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति के मामले में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि राज्य को बने 20 साल से अधिक हो रहे हैं,लेकिन सभी महत्वपूर्ण पदों पर अभी भी संविदा के आधार पर ही नियुक्ति हो रही है, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का खुला उल्लंघन है .इसके बाद अदालत ने सभी विश्वविद्यालयों को प्रतिवादी बनाते हुए और राज्य सरकार से पूछा है कि सहायक प्रोफेसर के कितने पद सृजित हैं, और वर्तमान में कितने पद रिक्त हैं इसकी पूरी जानकारी 15 दिसंबर तक अदालत में उपलब्ध कराएं. बता दें कि इस संबंध में ब्रह्मानंद साहू की ओर से अधिवक्ता चंचल जैन ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल किया.


