पटना: लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज पूर्ण Budget पेश किया। बजट में बिहार के लिए कई घोषणाएं की गई। बिहार को विशेष पैकेज को लेकर एक तरफ जहां एनडीए ने ख़ुशी जताया है वहीं विपक्ष ने झुनझुना पकड़ाने और ठगने की बात कही है। आम बजट पर भर के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को विशेष धन्यवाद् देता हूं कि उन्होंने बिहार के लिए विशेष खजाना खोला है। बिहार में बाढ़ की समस्या, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, एयरपोर्ट निर्माण, बिजली सेक्टर और धार्मिक स्थानों के विकास के लिए चौमुखी विकास के लिए खजाना खोला है। बिहार के विकास के लिए यह केंद्र का महत्वपूर्ण योगदान है।
उन्होंने राबड़ी देवी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि जब वह मुख्यमंत्री थी तो अटल बिहार वाजपेयी ने चार हजार करोड़ रूपये का आवंटन दिया था तो वह चार हजार करोड़ रूपये तो खर्च कर नहीं पाई थी तो उन्हें क्या पता चलेगा कि विशेष पैकेज क्या होता है।
वहीं बिहार के मंत्री विजय चौधरी ने कि कहा कि बिहार को बजट में विशेष पैकेज मिला है। यह इस तरह का स्पष्ट एलान जो कि विशेष रूप से बिहार के लिए केंद्र सरकार ने पहली बार घोषणा की है। उन्होंने कहा कि हमलोगों ने हमेशा ही कहा कि विशेष राज्य का दर्जा इसीलिए ही मांगते थे कि बिहार को विशेष सहायता मिले। जबकि जदयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कि कहा बजट में बिहार के लिए जो भी प्रावधान किया गया है वह संतोषजनक है।
भाजपा नेता जीवेश कुमार ने कहा कि बजट में बिहार के लिए जानदार और शानदार प्रावधान किया गया है। इस तरह की उम्मीद भी नहीं थी ऐसा प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने लालू यादव पर तंज कसते हुए कहा कि वे 2004 में सत्ता में थे और तब उन्होंने बिहार के विशेष राज्य के दर्जा की मांग को ख़ारिज कर दिया था उस वक्त ही देना चाहिए था। मैं वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री को हृदय से धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने बिहार को विशेष सहायता और विशेष आवंटन दिया है।
वहीं बजट पर बिहार को दिए गए आवंटन पर राजद नेता भाई वीरेंद्र ने कहा कि बीजेपी का मतलब ही होता है बड़का झूठा पार्टी। उनकी पार्टी की सरकार केंद्र में है और कॉर्पोरेट घराने के द्वारा बनाये गए बजट को पेश कर अपना पीठ थपथपा रहे हैं। यह जो बिहार को मिला है वह तो पहले भी मिलता रहा है इसमें नया क्या है? बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलता तो हमलोग भी केंद्र की सरकार को धन्यवाद देते लेकिन यह नहीं मिला तो मैं यही कहूंगा कि कॉर्पोरेट घराने के द्वारा तैयार किया गया यह बजट है। इसमें किसानों, युवाओं के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया।
भाई वीरेंद्र से जब पूछा गया कि यूपीए के समय में विशेष राज्य का दर्जा का प्रावधान खत्म कर दिया गया था तो उन्होंने कहा कि हम यही तो कह रहे हैं कि यहाँ से यह प्रस्ताव पास हुआ था और सर्वसम्मति से हमलोगों ने मांग किया था। अगर केंद्र सरकार विशेष राज्य का दर्जा नहीं देती है तो नीतीश कुमार केंद्र सरकार से अपना समर्थन वापस लें और चलें हम लोग सड़कों और विशेष राज्य से नीचे कुछ नहीं चाहिए।
राजद विधायक अख्तरुल अंसारी ने कहा कि बिहार ने लगातार विशेष राज्य का दर्जा की मांग की है। आज नीतीश कुमार जी की बदौलत केंद्र में सरकार है और अभी मांगने की नहीं बल्कि खुद से देने का वक्त है लेकिन बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया जाना और संसद में बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिए जाने के बारे में वक्तव्य देने के विरोध में हमलोगों ने कार्य स्थगन किया है। इस पर मुख्यमंत्री को जवाब देना होगा।
वहीं विशेष पैकेज दिए जाने को लेकर उन्होंने कहा कि इससे क्या होगा, दो चार सड़कें बन जाएगी, दो चार पुल बन जायेंगे लेकिन इससे गरीबी नहीं मिट जाएगी। बिहार एक गरीब राज्य है, और गरीबी हटाने के लिए विशेष राज्य का दर्जा अत्यावश्यक है। अगर केंद्र की सरकार नहीं देती है तो मैं नीतीश कुमार से आग्रह करूंगा कि सरकार से अपना समर्थन तत्काल वापस लें।
बिहार के पूर्व मंत्री चंद्रशेखर सिंह ने विशेष सहायता की चर्चा 2014 से सुन रहा हूं। सवा लाख करोड़ तक की घोषणा प्रधानमंत्री का था लेकिन वह नहीं मिला। विशेष राज्य का दर्जा की जो चिर प्रतीक्षित मांग है उसके लिए मुख्यमंत्री ने कई मंचों से भी कहा है। यह बिहार के साथ अन्याय हो रहा है। भाजपा की सरकार बिहार का भला चाहती ही नहीं है। बिहार की जनता भाजपा को सबक सिखाएगी। झूठ बोलकर, बेईमानी कर के जो डबल इंजन की सरकार चल रही है ऐसी सरकार को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।
मामले में कांग्रेस विधायक संतोष मिश्रा ने कहा कि विशेष सहायता का जो पैकेज है उससे ज्यादा हमें बाढ़ में जरूरत पड़ती है। यह जो पैकेज मिला वह ऊंट के मुंह में जीरा है। ये हमेशा डबल इंजन की सरकार का दुहाई देते रहते हैं लेकिन विशेष राज्य के मांग पर जो हुआ वह इनका प्रतिफल है। ये राज्य के सरकार और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की विफलता है। हमारा संघर्ष लगातार जारी रहेगा। अगर दूसरे विकल्प के लिए विशेष पैकेज की मांग भी करते हैं तो वह कुछ ठीक थक राशि मिलनी चाहिए ताकि बिहार में औद्योगिकीकरण हो सके, गरीबी दूर किया जा सके। जो विशेष पैकेज का आवंटन बजट में हुआ है वह बहुत ही कम है।
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पटना से विवेक रंजन की रिपोर्ट
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