Koderma Vidhansabha : क्या इस बार कोडरमा जीत रही है इंडिया गठबंधन या फिर…

Koderma Vidhansabha : झारखंड में लोकसभा चुनाव खत्म होने के साथ ही आगामी झारखंड विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी काफी तेज हो गई है। आज हमारे खास प्रोग्राम सीट स्कैनर में हम स्कैन करेंगे कोडरमा विधानसभा सीट को।

यूं तो कोडरमा जिला अभ्रक खनन के लिए दुनिया भर में मशहूर है, इसी तरह राज्य की राजनीति में भी कोडरमा लोकसभा क्षेत्र चर्चित रहा है। छह विधानसभा क्षेत्र वाला कोडरमा लोकसभा सीट कोडरमा जिला समेत हजारीबाग और गिरिडीह जिले के कुछ इलाकों को मिलाकर बना है। इस संसदीय क्षेत्र में कोडरमा, बरकट्ठा, धनवार, बगोदर, जमुआ और गांडेय विधानसभा क्षेत्र आते हैं।

Koderma Vidhansabha : अन्नपूर्णा देवी लगातार 4 बार जीत चुकी है चुनाव

कोडरमा लोकसभा सीट के इतिहास की बात करें, तो इसका गठन 1977 में हुआ था। फिलहाल इस सीट से सांसद बनीं अन्नपूर्णा देवी मोदी सरकार में मंत्री हैं। बाबूलाल मरांडी के भाजपा में शामिल होने के बाद यह सीट भाजपा के लिए सबसे सुरक्षित सीट मानी जा रही है। कोडरमा सीट आरजेडी का गढ़ रहा है कोडरमा की राजनीति में आम चुनाव के समय उस समय भूचाल आ गया था, जब आरजेडी की प्रदेश प्रमुख अन्नपूर्णा देवी ने भाजपा का दामन थाम लिया था, जब आरजेडी की प्रदेश प्रमुख अन्नपूर्णा देवी ने भाजपा का दामन थाम लिया था।

अन्नपूर्णा देवी के पति स्वर्गिय रमेश प्रसाद यादव बिहार सरकार में मंत्री थे, लेकिन उनके निधन के बाद अन्नपूर्णा देवी पर घर-परिवार के साथ राजनीतिक विरासत को संभालने की चुनौती भी सामने आ गईं। उसके बाद कोडरमा में हुए उपचुनाव में अन्नपूर्णा देवी पहली बार चुनाव लड़ी और यहां से विधायक बनीं। एक साल बाद ही विधानसभा के चुनाव में वापस से दूसरी बार जीतकर बिहार में खान-भूतत्व राज्य मंत्री बन गई।

अलग राज्य के बाद भी राजद का रहा है गढ़

15 नवंबर 2000 को झारखंड राज्य बनने के बाद सूबे से बीजेपी की सरकार बनने के बाद अन्नपूर्णा देवी सत्ता से अलग होकर केवल विधायक बन रह गईं। 2000 के विधानसभा चुनाव में राजद की अन्नापूर्णा देवी का मुकाबला बीजेपी के विजय कुमार साल और जेवीएम के रमेश सिंह के बीच होती है जिसमें अन्नापूर्णा देवी यहां से बाजी मार लेती हैं।

अन्नपूर्णा देवी 1998 का विधानसभा उपचुनाव के बाद हुए 2000, 2005 और 2009 का विधानसभा चुनाव में लगातार कोडरमा विधानसभा क्षेत्र से जीतती रहीं। कोडरमा में अन्नपूर्णा देवी प्रबल दावेदार रही हैं।  2005 में हुए विधानसभा चुनाव में राजद ने अन्नपूर्णा देवी को चुनावी मैदान में उतारा तो उन्हें टक्कर देने के लिए चुनावी रण में बीजेपी से लालसा सिंह तो वहीं निर्दलीय चुनाव लड़ रहें साजिद हुसैन थे पर अन्नपूर्णा देवी ने दूसरे स्थान पर रहे साजिद हुसैन को 26,454 वोटों के अंतर से हार का सामना कराया था।

2009 के विधानसभा चुनाव में लगातार कोडरमा से विधायक रहीं अन्नपूर्णा देवी ने बीजेपी से विजय कुमार साव और जेवीएम से रमेश सिंह, जेएमएम से रमेश रे मैदान में थे, पर इस बार भी कोडरमा की जनता के दिलों पर राज करने वाली अन्नपूर्णा देवी को जनता का भरपूर प्यार मिला और फिर से अन्नपूर्णा देवी यहां की विधायक बनी।

2014 में नीरा यादव ने अन्नपूर्णा देवी के विजय रथ पर लगाया था विराम

2014 के विधानसभा चुनाव में यादवों को साधने के लिए बीजेपी ने डॉ नीरा यादव को टिकट दिया तो वहीं राजद से एक बार फिर से अन्नपूर्णा देवी टक्कर दे रही थी और जेवीएम से भीम साहू चुनाव लड़ रहे थे, पर इस बार बदलाव की बयार के साथ-साथ नरेंद्र मोदी की भी लहर थी। लेकिन इस बार कोडरमा सीट राजद के हाथ से फिसल कर बीजेपी के खाते में चली गई। यहां बीजेपी से नीरा यादव 13,525 के अंतर से चुनाव जीत जाती हैं।

लंबे समय से कोडरमा राजद का गढ़ माना जाता है। यहां यादवों की संख्या ज्यादा है, लेकिन 2014 में कोडरमा भाजपा के पास थी। भाजपा चाहती थी कि ये सीट भाजपा के पास बरकरार रहे। भाजपा ने ठीक विधानसभा चुनाव से पहले लोकसभा में ही अन्नपूर्णा देवी को अपने पाले में कर लिया। अन्नपूर्णा देवी 2019 के लोकसभा चुनाव के पहले पाला बदल कर बीजेपी में शामिल हो गईं और फिर 2019 में लोकसभा चुनाव जीत कर केंद्रीय राज्य मंत्री बनी।

Koderma Vidhansabha : इस बार बीजेपी को राजद या कांग्रेस देंगे टक्कर

अब दूसरी बार जीत मिलने के बाद उन्हें फिर कैबिनेट में मौका दिया गया तो वहीं नीरा यादव के लिए रास्ता भी साफ हो गया और चुनौती भी कम थी। एक बार फिर से नीरा यादव इस सीट से विधायक बन जाती हैं। उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल के प्रत्याशी अमिताभ कुमार को करारी शिकस्त दी। पिछली बार भी भारतीय जनता पार्टी की डॉ. नीरा यादव ने जीत दर्ज की थी। बहरहाल साल 2024 के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। लेकिन इस बार भी यहां मुकाबला देखना दिलचस्प होगा क्योंकि बीजेपी हर हाल में अपने इस सीट को जीतने की कोशिश करेगी, तो वहीं इंडी गठबंधन के तहत ये सीट अगर राजद के खाते में जाती है तो यहां समीकरण कुछ और ही हो सकते हैं।

हाईलाइट्स

कोडरमा लोकसभा सीट पर अन्नपूर्णा देवी ने बनाया था रिकॉर्ड
-अन्नपूर्णा देवी 4 बार बनी विधायक
-2 बार कोडरमा सीट से रही सांसद
-3 चुनावों में 2 बार जीती भाजपा
-1977 में जनता पार्टी से विश्वनात मोदी बने थे विधायक
-1980 से लेकर 1985 तक कांग्रेस के राजेंद्र नाथ डॉन यहां से विधायक थे
-1990 से लेकर 1995 कर रमेश प्रसाद यादव जनता दल से विधायक थे
-2000 से 2009 तक अन्नपूर्णा देवी विधायक रही
-यहां 81 फीसदी हिंदू हैं, मुस्लिमों की संख्या 18 फीसदी और अन्य की 1 फीसदी है

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