लखनऊ : Preparation – महाकुंभ 2025 का थीम क्लीन और ग्रीन, 120 करोड़ की 30 परियोजनाएं मंजूर। अगले वर्ष 2025 में प्रयागराज में होने महाकुंभ का थीम क्लीन और ग्रीन रखा गया है। तय हुआ है कि इस बड़े भव्य और दिव्य आयोजन के लिए शहर के परिदृश्य को नया रूप देने के लिए भित्ति चित्र साइनेज जंक्शन डिजाइन सोलर स्ट्रीट लाइट की स्थापना आदि का कार्य महाकुंभ से पहले कराना तय हुआ है। बागवानी के माध्यम से भी सौंदर्यीकरण होगा ताकि शहर की सुंदरता और बढ़े।
साथ ही वहां पर स्थापित होने वाले शौचालयों को साफ-सुथरा रखने की तैयारी है ताकि पर्यटकों और श्रद्धालुओं के साथ ही साधु-संतों को भी कोई दिक्कत न हो। इसी क्रम में महाकुंभ 2025 के सफल आयोजन के लिए राज्य सरकार की ओर से गठित शासन की शीर्ष समिति (एपेक्स कमेटी) की बैठक में लगभग 120 करोड़ रुपये की 30 परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
महाकुंभ 2025 – बैंबू पिनिंग से बंद करेंगे गंगा की छोटी धाराएं
लखनऊ में हुई महाकुंभ 2025 संबंधी गठित शासन की शीर्ष समिति में मंजूर प्रमुख परियोजनाओं में बैंबू पिनिंग वाली असम की तकनीक का इस्तेमाल किया जाना है। तय हुआ है कि बैंबू पिनिंग से महाकुंभ के दौरान गंगा की छोटी धाराएं बंद कराई जाएंगी ताकि मुख्य धारा में पर्याप्त पानी तो रहे ही, साथ में छोटी धाराओं की जमीन को बसावट में इस्तेमाल में लिया जा सके। इसके लिए प्रयागराज मेला प्राधिकरण व भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण समन्वय स्थापित कर इस तकनीक पर कार्य कराना तय हुआ है।
समिति की 10वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा कि महाकुंभ-2025 के लिए तय थीम को धरातल उतारने को सभी संबंधित जिम्मेदार अधिकारी मिशन मोड में काम करें। मेला क्षेत्र में स्थापित शौचालयों की साफ-सफाई हमेशा होते रहने को सुनिश्चित कराया जाए। शौचालयों की प्रतिदिन सफाई हो रही है या नहीं, यह सुनिश्चित कराने के लिए थर्ड पार्टी से निरीक्षण कराया जाए।
महाकुंभ 2025 – श्रद्धालुओं को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराने को कई परियोजनाएं मंजूर
महाकुंभ 2025 की तैयारी संबंधी इस अहम बैठक में मोतीलाल नेहरू मेडिकल कालेज के लिए 26 करोड़ रुपये की दो परियोजनाएं मंजूर की गई हैं। महाकुंभ में आने श्रद्धालुओं को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 22.47 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कालेज एवं संबद्ध चिकित्सालयों के नवीनीकरण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य होगा। मेडिकल कालेज के हेल्थ प्लान के तहत 3.36 करोड़ से चिकित्सा उपभोग्य सामग्रियों का क्रय किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की 58 करोड़ रुपये की 19 परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। इसमें 14.25 करोड़ से मेला क्षेत्र में एक 100 बेड का और 20 बेड के 10 अस्थायी अस्पताल बनेंगे। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग द्वारा महाकुंभ के मार्गों पर स्थित प्रयागराज, प्रतापगढ़, फतेहपुर व कौशांबी में 21.24 करोड़ रुपये की लागत से सीएचसी व पीएचसी का उच्चीकरण होगा। मेला के समीप वेयरहाउस तेलियरगंज का निर्माण कार्य होगा।
महाकुंभ श्रद्धालुओं को स्वच्छ पेयजल आपूर्ति कराने की तैयारी
उप्र जल निगम (नगरीय) द्वारा महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों को स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के लिए पूरे मेला क्षेत्र में पाइप बिछाने के लिए 51.13 करोड़ रुपये की लागत से पाइप का क्रय किया जाएगा। उद्यान विभाग द्वारा दो करोड़ से मेला क्षेत्र में मिट्टी व फाइबर के गमलों में मौसमी फूल और शोभाकार पौधे तैयार कर मेला क्षेत्र व पांच करोड़ रुपये की लागत से राजकीय पार्कों का सौंदर्यीकरण कार्य कराया जाएगा।
इसके अलावा विभाग द्वारा 60 लाख रुपये की लागत से औद्यानिक तकनीकी व विभागीय योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए प्रदर्शनी लगाई जाएगी।

पर्यटकों के लिए प्रीमियम कैंप की बसाई जाएगी टेंट कालोनी
महाकुंभ में आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों एवं वीआइपी अतिथिगणों को बेहतर व्यवस्था प्रदान करने के लिए पर्यटन विभाग द्वारा 3.51 करोड़ रुपये से परेड मैदान में 55 प्रीमियम कैंप की टेंट कलोनी बसाई जाएगी। आइईआरटी पुलिया से गंगा नदी तट तक सड़क चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण व सौंदर्यीकरण का कार्य 7.89 करोड़ रुपये से प्रयागराज विकास प्राधिकरण द्वारा कराया जाएगा। इसके अलावा शहर में 15 चिन्हित स्थानों पर 7.51 करोड़ रुपये की लागत से थीमैटिक वेस्ट टू वंडर इंस्टालेशन की स्थापना की जाएगी। महाकुंभ 2025 महाकुंभ 2025 महाकुंभ 2025 महाकुंभ 2025
इसमें डमरू एवं नटराज आदि की मूर्ति स्थापित की जाएगी। इन कलाकृतियों को कल्चर मार्बल के माध्यम से बनाया जाएगा। यह कार्य सी एंड डीएस को सौंपा गया है। जार्ज टाउन में प्रयागराज मेला प्राधिकरण के गेस्ट हाउस के मरम्मत व उच्चीकरण का कार्य कराया जाएगा।
मेला स्थान पर 400 छोटी- बड़ी परियोजनाओं पर काम जारी
महाकुंभ 2025 की यूपी सरकार की ओर से जारी के क्रम में 9 बैठकों में लगभग साढ़े छह हजार करोड़ की परियोजना पहले ही मंजूर की जा चुकी है। बैठक में बताया गया कि 400 सौ से ज्यादा छोटी व बड़ी परियोजनाओं का काफी तेजी से काम चल रहा है। बैठक के आखिर में मुख्य सचिव ने कहा कि मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। पहले से ही प्लानिंग कर सुरक्षा एवं यातायात की बेहतर व्यवस्था दी जाए।
बैठक में डीजीपी प्रशांत कुमार, प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात, प्रमुख सचिव पर्यटन मुकेश मेश्राम, प्रमुख सचिव लोक निर्माण अजय चौहान, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा, कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद, पीडीए उपाध्यक्ष अरविंद कुमार चौहान, सूचना निदेशक शिशिर भी मौजूद रहे। बैठक में एडीजी भानु भाष्कर, मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस आयुक्त तरुण गाबा, सीडीओ गौरव कुमार, नगर आयुक्त चंद्रमोहन गर्ग आनलाइन जुड़े रहे।
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