Big Step : महाकुंभ में भोले बाबा समेत 20 फर्जी बाबा ब्लैक लिस्टेड, एंट्री रहेगी प्रतिबंधित, 18 को अखाड़ा परिषद और मेला प्राधिकरण की अहम बैठक

वर्ष 2025 को प्रयागराज में आयोजित होने वाले महाकुंभ के लिए संतों और महंतों ने अहम पहल की है।

लखनऊ / प्रयागराज : Big Stepमहाकुंभ में भोले बाबा समेत 20 फर्जी बाबा ब्लैक लिस्टेड, एंट्री रहेगी प्रतिबंधित, 18 को अखाड़ा परिषद और मेला प्राधिकरण की अहम बैठक। यूपी के हाथरस में गत 2 जुलाई को सत्संग के दौरान हुए हादसे से सबक लेते हुए अगले वर्ष 2025 को प्रयागराज में आयोजित होने वाले महाकुंभ के लिए संतों और महंतों ने अहम पहल की है। उन्होंने आस्था से जुड़े प्रमुख और बड़े आयोजन में पाखंडी और फर्जी बाबाओं के प्रवेश को प्रतिबंधित करने की मांग की है। उन्होंने ऐसे 20 बाबाओं की सूची तैयार की और इन्हें विधिक तौर पर महाकुंभ के आयोजन के लिए ब्लैक लिस्टेड किया जा रहा है। इसी कड़ी में अखाड़ा परिषद ने एक बड़ा निर्णय लिया है कि आखाड़ा परिषद महाकुंभ मेला प्राधिकरण को फर्जी बाबाओं की सूची देगा और मांग करेगा कि ऐसे संतों और बाबाओं को कुंभ के मंच पर स्थान न मिले।

ब्लैक लिस्ट में भोले बाबा से लेकर राम रहीम और नित्यानंद शामिल

हाथरस हादसे के बाद से सुर्खियों में आए नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा समेत 20 ढोंगी बाबाओं को संतों की आधिकारिक संस्थाएं ब्लैक लिस्ट करेंगी। इसके लिए सभी 13 अखाड़ों के बीच सहमति बन चुकी है। ऐसे ढोंगी बाबाओं को महाकुंभ में बसने के लिए भूमि और शिविर की सुविधाएं नहीं दी जाएं, इसकी मांग मेला प्रशासन के समक्ष रखेंगे। दरअसल, मेला प्रशासन कुंभ में बसने वाली धार्मिक संस्थाओं, महामंडलेश्वरों का सर्वे कराने में जुट गया है। संतों के आवेदन भी आने शुरू हो गए हैं। अगले महीने आवेदन के लिए ऑनलाइन पोर्टल भी खुल जाएगा। हाथरस कांड होने पर अखाड़ा परिषद भी धर्म के नाम पर पाखंड करने वाले बाबाओं के खिलाफ सक्रिय हो गया है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने बताया कि खुद को त्रिकालदर्शी, भगवान, परमब्रह्म और ईश्वरीय अवतार बताकर जनता को ठगने वाले बाबाओं को काली सूची में डाला जा रहा है। भोली भाली जनता को भ्रमित कर अपने भक्तिजाल में फंसाने वाले तरह-तरह के रूपों वाले पाखंडी बाबाओं की सूची अखाड़ा परिषद ने तैयार कर ली है। ऐसे ढोंगी बाबाओं को महाकुंभ में अपनी दुकानें नहीं सजाने देंगे। इस बारे में सभी तेरह अखाड़ों के प्रतिनिधियों की सहमति बन चुकी है कि पाखंडी बाबाओं की सूची जारी की जाए। इनमें नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा, सेक्स सीडी कांड में फंसने के बाद दक्षिणी अमेरिका के इक्वाडोर में अलग देश बसाने का दावा करने वाले स्वामी नित्यानंद, बाबा राम रहीम समेत 20 से अधिक बाबा शामिल हैं।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद जारी करेगा फर्जी संतों की सूची

प्रयागराज में महाकुंभ-2025 की तैयारियां जोरों-शोरों से चल रही हैं। शासन और प्रशासन के साथ-साथ अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद भी तैयारियों में जुटा हुआ है। लेकिन इस बीच हाथरस हादसे के बाद से फर्जी बाबा निशाने पर हैं। जहां इनको लेकर आम जनता में रोष व्याप्त है तो वहीं संत समाज भी इनसे नाराज है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की तरफ से फर्जी बाबाओं पर बड़ा बयान दिया गया है। अखाड़ा परिषद के संतों-महंतों ने इनके खिलाफ बिगुल फूंक दिया है। परिषद का कहना है कि हाथरस की घटना के पीछे कौन है, वो कौन सा संत है और कैसे संत बना, इसकी जांच होनी चाहिए। देश की भोली जनता को योगी का चोला पहनकर गुमराह करने वाले फर्जी बाबाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। अखाड़ा परिषद का कहना है कि फर्जी बाबाओं के कारण संत समाज बदनाम हो रहा है। संत समाज का आत्म सम्मान गिरा है। महाकुंभ से पहले अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ऐसे फर्जी संतों की सूची जारी करेगा और इनके खिलाफ एक गाइड लाइन तैयार करने की मांग मेला प्रशासन से करेगा।

आखाड़ा परिषद महाकुंभ मेला प्राधिकरण को फर्जी बाबाओं की सूची देगा और मांग करेगा कि ऐसे संतों और बाबाओं को कुंभ के मंच पर स्थान न मिले।
फाइल फोटो

हाथरस कांड को ध्यान मे रखकर संगम नगरी में महाकुंभ की भव्य तैयारियां जारी

वर्ष 2025 में संगम नगरी प्रयागराज में लगने वाले महाकुंभ को लेकर भव्य तैयारियां की जा रही हैं। शासन और प्रशासन के साथ-साथ अखाड़ा परिषद भी अपनी तैयारियों में जुटा है और हाथरस की घटना के बाद अखाड़ा परिषद ने एक बड़ा निर्णय लिया है। मिली जानकारी के मुताबिक, प्रयागराज में मेला प्राधिकरण और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के साधु-संतों की बैठक 18 जुलाई को प्रस्तावित है। उसी बैठक में फर्जी संतों को लेकर आवाज उठाए जाने की तैयारी की जा रही है। फर्जी संतों को कुंभ के मंच पर स्थान न दिए जाने की मांग की जाएगी। हाथरस में हुई घटना पर अखाड़ा परिषद से जुड़े महंतों और संतों ने कहा कि ऐसे लोगों को बाबा या संत कहा ही क्यों जाता है। ये कथावाचक हो सकते हैं, प्रचारक हो सकते हैं लेकिन इन्हें संत नहीं कहा जा सकता है।

फर्जी बाबाओं के खिलाफ शासनादेश जारी करने की मांग

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों का कहना है कि ऐसे लोग चमत्कार के नाम पर जनता को गुमराह कर भीड़ जुटाते हैं और यही लोग संतों को बदनाम करते हैं। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महंतों ने कहा कि 18 जुलाई को जिला प्रशासन के साथ बैठक होगी जिसमें फर्जी बाबा का चोला पहनने वालों के खिलाफ नियम बनाने के लिए प्रशासन से कहा जाएगा। साधु-संतों ने कहा कि इनके खिलाफ शासनादेश जारी करना चाहिए। महाकुंभ से पहले फर्जी बाबाओं की सूची प्रशासन को दी जाएगी और उन्हें हटाने के लिए कहा जाएगा। हाथरस की घटना की सही सही जांच होनी चाहिए, ताकि ये पता चल सके कि ये कौन लोग हैं और इतना बड़ा आयोजन कैसे हुआ। साथ ही परिषद के सदस्य संतों ने कहा कि जिनके घर के लोगों की हाथरस हादसे में मौत हुई है, उनके साथ हमारी पूरी संवेदना है। संतों ने आह्वान किया कि अब लोग भी जागरूक हो जाएं, ताकि फर्जी बाबाओं का चोला पहनने वालों के मंसूबों पर प्रभावी तरीके से पानी फेरा जा सके। अखाड़ा परिषद का मानना है कि संतों को लोक हित और परोपकार के जरिए समाज में संस्कार और मर्यादा का वातावरण पैदा करना चाहिए। इसके विपरीत ढोंगी बाबा समाज को अंध विश्वास और पाखंड के जाल में फंसाकर गुमराह कर रहे हैं।

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