रांची : झारखंड के इतिहास में एक नया अध्याय लिखा गया. राज्य में पहली बार झारखंड छात्र संसद का आयोजन किया गया. पहले दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्र संसद को संबोधित किया, और छात्रों को प्रशिक्षण दिया गया. दूसरे दिन पूरा सत्र आयोजित किया गया. इस सत्र में प्रश्नकाल भी हुआ और अध्यक्ष महोदय का चुनाव हुआ. छात्र संसद में 24 जिलों के 24 छात्रों का चयन किया गया.
विधानसभा द्वारा पहली बार आयोजित हुए छात्र संसद के आखिरी दिन झारखंड के लिए ऐतिहासिक दिन है. पहली बार 24 छात्र मिलकर संसद चलाये. वहीं छात्रा विधानसभा अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका रही. उन्होंने कहा कि उनका जो अनुभव था वह काफी बेहतरीन था. क्योंकि अध्यक्ष का काम बहुत कठिन होता है. उन्होंने कहा कि वह रहते पक्ष में हैं, लेकिन उन्हें पक्ष और विपक्ष दोनों की बातें सुनकर निष्पक्ष भावना से फैसला लेना होता है.
बता दें कि झारखंड छात्र संसद के लिए राज्य भर से 24 छात्रों का चयन किया गया. इसमें हर जिले से एक छात्र है. इनमें रांची से स्मृति राज, खूंटी से सिद्धार्थ कश्यप, सिमडेगा से विनय बड़ाइक, लोहरदगा से डेजी लकड़ा, पूर्वी सिंहभूम से कौरवी पात्रा, जमशेदपुर से जैश ठाकुर, सरायकेला से शंभु शंकर बेहरा, हजारीबाग से नूपुर माला, रामगढ़ से सिया गुप्ता, चतरा से श्वेता कुमारी, धनबाद से सौरभ कुमार, कोडरमा से इरम जिलानी, गिरिडीह से सभ्यता भूषण और दुमका से रवि शशांक व अन्य शामिल हैं. चनयिन छात्रों में आठ लड़कियां भी हैं.
रिपोर्ट : करिश्मा सिन्हा
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