डिजीटल डेस्क : Big Breaking – शेख हसीना ने तोड़ी चुप्पी, बोलीं – अमेरिका ने किया बांग्लादेश में तख्तापलट, लाशों का जुलूस ना निकले इसलिए छोड़ा अपना देश। गत सोमवार को बांग्लादेश में हुए तख्तालट के बाद में भारत में गोपनीय ठिकाने पर गहन सुरक्षा निगरानी में रह रहीं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने संविधान को धता बनाकर गठित हुए अंतरिम सरकार पर पहली बार अपने चुनिंदा लोगों के बीच चुप्पी तोड़ी है।
भारतीय उपमहाद्वीप के साथ ही दुनिया के लिए सनसनीखेज है उनके इस चुप्पी का टूटना। शेख हसीना ने कहा है कि बांग्लादेश में हुए तख्तापलट के पीछे सीधे तौर पर अमेरिका ही है और उसी ने कट्टरपंथियों के कंधे पर बंदूक रखकर अपना निशाना साधा। है।
इसी क्रम में शेख हसीना ने जोड़ा कि हालात ऐसे बने थे कि चंद मिनटों में अगर वह देश न छोड़तीं तो लाशों का जुलूस निकालने की तैयारी हो चुकी थी और उसी को हर हाल में रोकने के लिए उन्हें अपने जीवन का सबसे प्रिय मुल्क बांग्लादेश कुछ समय के लिए छोड़ना पड़ा।
शेख हसीना ने जल्द बांग्लादेश वापसी का दिया भरोसा, बोली- फिर से खोए मुकाम को हासिल करेगा अवामी लीग
इस सनसनीखेज बयान में शेख हसीना से बताया कि अपना मुल्क छोड़ने के आखिरी क्षणों में इसी सच्चाई को वह अपने प्रिय देशवासियों से साझा करके उन्हें अवगत भी कराना चाह रही थीं लेकिन अमेरिकी इशारे पर कट्टरपंथी ताकतों ने जो माहौल बनाया उसमें वह कर पाना मुमकिन नहीं हो पाया था।
बांग्लादेश बंगबंधु कहे जाने वाले स्व. शेख मुजाबुर्रहमान की बेटी शेख हसीना ने दर्द भरे लहजे में कहा कि वह अपने छात्रों की लाशों पर तख्तापलट होते नहीं देख सकती थीं और देख भी कैसे सकती थीं, इसीलिए तुरंत देश छोड़ना तत्काल के लिए मुनासिब समझा ताकि यथासंभव कत्लेआम की स्थिति ना बने और बांग्लादेश बृहत्तर रूप में अस्तित्तव में अपनी पहचान के साथ कायम रहे। नहीं चाहती थीं कि देश में और ज्यादा संपत्तियों को नुकसान पहुंचे या जनहानि हो।
शेख हसीना ने साफ किया है कि वह जल्द ही फिर बांग्लादेश लौटेंगी और अतीत की ही भांति बांग्लादेश में अवामी लीग फिर से उसी मुकाम पर होगी जहां हाल तक थी।
उन्होंने तख्तापलट के बाद मारे गए लीग के नेताओं, परिवारवालों और समर्थकों की मौत पर गंभीर चिंता जाहिर की और कहा कि मन अंदर से काफी व्यथित और उस पीड़ा को व्यक्त करने को शब्द कम पड़ रहे हैं लेकिन वादा है और भरोसा है कि हालात से अवामी लीग और बांग्लादेश जल्द उबरेगा।
तख्तापलट के पीछे अमेरिकी चाल पर खुलकर बोलीं शेख हसीना
भारत में शरण लेने के बाद कई दौर की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल और भारतीय कूटनीतिज्ञों से हुई अहम वार्ता के दौर के बाद अपने करीबी बांग्लादेशी विश्वस्तों से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपनी बातें साझा की हैं। उसी में शेख हसीना ने बांग्लादेश में हुए तख्तापलट पर अमेरिका की चाल का खुलासा किया है।
शेख हसीना ने कहा कि बंगाल की खाड़ी में एकाधिकार जमाने को बांग्लादेश के प्रभुत्व वाला सेंट मार्टिन द्वीप मांग रहा था और बतौर बांग्लादेशी प्रधानमंत्री उन्होंने (शेख हसीना ने) ने अपने देश के सर्वांगीण हितों को देखते हुए अमेरिकी मंशा को पूरा नहीं होने दिया और उसी से अमेरिका जलभुन गया।
उसके बाद अमेरिका ने बांग्लादेश में सत्ता विरोध कट्टरपंथी ताकतों को अपने स्वार्थ को साधने के लिए हवा देना शुरू किया और तख्तापलट का पूरा माहौल बनवाया लेकिन बांग्लादेशी जनमानस से अपील है कि वे कट्टरपंथियों के हाथ की कठपुतली ना बनें नहीं तो वह उद्देश्य मिट जाएगा जिसके लिए बांग्लादेश का सन 1971 में उदय हुआ था। साथ ही शेख हसीना ने आंदोलनकारी छात्रों के बीच फैलाए गए झूठ और अभी भी प्रचारित अफवाहों को सिरे से नकारा है।

शेख हसीना बोलीं – कभी किसी को रजाकार नहीं कहा, छात्रों के निष्पाप मनोभाव का दुरुपयोग कर षड़यंत्रकारियों ने किया तख्तापलट
पूर्व पीएम हसीना ने कहा कि उन्होंने कभी किसी को रजाकार कहकर संबोधित नहीं किया और ना ही ऐसा कर सकती हैं एवं इस मामले में शुरू से ही छात्रों को कट्टरपंथी लगातार बरगला रहे हैं। छात्रों की मांग के मुताबिक, सत्ता में रहते हुए व्यापक देशहित में उन्होंने आरक्षण की व्यवस्था में बदलाव कर दिया था। उसके बाद भी कट्टरपंथियों ने छात्रों को उकसाया और भड़काया तो सिर्फ और सिर्फ अमेरिकी शह पर।
शेख हसीना बोलीं – ‘छात्रों के निष्पाप मनोभाव का सहारा लेकर और उसको ढाल बनाकर षड़यंत्रकारियों ने अपनी चालें चलीं और बांग्लादेश को अस्थिर करने की साजिश रची। विश्वास न हो तो मेरी ये सारी बातें उस वीडियो संदेश में हैं जो देश छोड़ने से पहले मैंनें कहनी चाही थी। गुजारिश है कि हर बांग्लादेशी जनता मेरे उस संदेश को एकबार जरूर सुनें, सारी बातें साफ हो जाएंगी।’







