झारखंड को केंद्र पर बकाया 1.36 लाख करोड़ रुपये मिलेंगे, सुप्रीम कोर्ट ने दिया फैसला, सत्ता पक्ष ने किया स्वागत

रांची. केंद्र सरकार पर झारखंड का बकाया 1 लाख 36 हजार करोड़ रुपये के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आज फैसला सुना दिया है। शीर्ष कोर्ट के इस फैसले से अब झारखंड को बकाया 1.36 लाख करोड़ रुपये मिलने का रास्ता साफ हो गया है। वहीं शीर्ष कोर्ट के इस फैसले को प्रदेश के सत्ता पक्ष ने स्वागत किया है।

झारखंड को केंद्र पर बकाया 1.36 लाख करोड़ रुपये मिलेंगे

हेमंत सरकार के मंत्री बन्ना गुप्ता ने इसको लेकर सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने लिखा, ‘2005 से झारखंड का बकाया 1 लाख 36 हज़ार करोड़ रुपये देने का निर्देश माननीय सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को दिया है। आज इस ऐतिहासिक फैसला को सुनाने के लिए माननीय सुप्रीम कोर्ट का राज्य की जनता के तरफ से आभार और धन्यवाद! यह पैसा झारखंड को खनिज रॉयल्टी के बकाये के तौर पर मिलेगा जिससे राज्य के विकास में नये आयाम लिखें जायेंगे और झारखंड विकास की ओर अग्रसर होगा! जय संविधान! जय झारखंड!’

वहीं सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर जेएमएम महासचिव विनोद पांडेय ने कहा है कि लंबे संघर्ष के बाद आज ये दिन आया है, जब सुप्रीम कोर्ट ने राज्य की जनता के हित में फैसला सुनाया है। उन्होंने कहा कि बकाया राशि को लेकर बार-बार केंद्र सरकार के पास गुहार लगाने के बावजूद भी उनके कानों में जूं तक नहीं रेंगा, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने राज्य का हक अधिकार देने का काम किया है।

विनोद पांडेय ने कहा कि शुरू से ही केंद्र सरकार राज्य के हिस्से का बकाया 1 लाख 36 हजार करोड़ रुपया देने में आनाकानी कर रही थी। C M हेमंत सोरेन ने इस बकाए राशि को लेकर देश के प्रधानमंत्री से लेकर गृह मंत्री तक से फरियाद लगाई थी, लेकिन कुछ भी नहीं हुआ। अब सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से ना सिर्फ झारखंड, बल्कि दूसरे खनन वाले राज्यों को भी फायदा होगा।

उन्होंने कहा कि अब राज्य खनन वाली कंपनियों पर टैक्स लगा पाएगी। बकाया राशि के भुगतान से राज्य की विकास योजनाओं को गति मिलेगी। राज्य की हेमंत सोरेन सरकार प्रदेश की जनता के लिए और भी कई नई कल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ करने की ओर कदम बढ़ा पाएगी।

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