NGO Cyber Fraud Case: साइबर क्राइम के एक बड़े मामले में, जमशेदपुर साइबर पुलिस ने करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी में शामिल मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, एक गैर-सरकारी संगठन (NGO) को कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड दिलाने का लालच दिया गया, जिसके बाद उनके बैंक खाते का गलत इस्तेमाल किया गया। जांच में पता चला कि इस खाते के ज़रिए लगभग तीन करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया था।
CSR फंड के नाम पर बैंक खाता खुलवाया गया
पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके संगठन के नाम पर एक्सिस बैंक में एक करंट अकाउंट खुलवाया गया था। वेरिफिकेशन प्रोसेस के बहाने आरोपी ने संगठन की चेकबुक, सिम कार्ड और अन्य बैंकिंग डॉक्यूमेंट्स हासिल कर लिए। बाद में इन डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल करके फाइनेंशियल ट्रांज़ैक्शन किए गए।
जांच में एक सोची-समझी साज़िश का पता चला
साइबर जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मुख्य आरोपी अमन कुमार सिंह (उर्फ़ रेखू) ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस साज़िश को अंजाम दिया था। जांच एजेंसियों ने पाया कि घटना से पहले ही शिकायतकर्ता की ईमेल आईडी और इंटरनेट बैंकिंग का एक्सेस हैक कर लिया गया था। इसके बाद, कुछ ही दिनों के भीतर उस बैंक खाते से लगभग तीन करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया।
मुख्य आरोपी गिरफ्तार; जांच जारी
सूचना मिलने पर पुलिस ने 29 वर्षीय अमन कुमार सिंह (उर्फ़ रेखू) को गिरफ्तार कर लिया। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया ज़िले का रहने वाला यह आरोपी सरायकेला-खरसावां ज़िले के आदित्यपुर इलाके में रह रहा था। गिरफ्तारी के समय उसके पास से एक मोबाइल फ़ोन बरामद किया गया, जिसे आगे की जांच के लिए ज़ब्त कर लिया गया है।

पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में
पुलिस ने बताया कि मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की भी जांच की जा रही है। साइबर पुलिस की टीम संभावित नेटवर्क और फाइनेंशियल ट्रांज़ैक्शन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मामले में मौजूद डिजिटल सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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