झरियाः भौरा थाना क्षेत्र में बीसीसीएल के खिलाफ रैयतों का अनिश्चितकालीन धरना सातंवें दिन भी जारी रहा.
रैयतों ने मांगे पूरी होने तक धरना जारी रहने का एलान किया है.
रैयत और विस्थापितों का कहना है कि हमलोगों ने बीसीसीएल की हठधर्मी के कारण दीपावली का पर्व नहीं मनाया.
हमारे बच्चों ने पटाखे नहीं फोड़े.
इस बार बीसीसीएल के खिलाफ हमारी आर-पार की लड़ाई है.
4 ए पेच चालू होने से पहले बीसीसीएल और आउटसोर्सिंग कंपनी देव प्रभा आउटसोर्सिंग के प्रबंधक ने रैयतों को
मुआवजा,विस्थापन, रोजगार सहित पक्की सड़क का आश्वासन दिया था.
लेकिन, पेच चालू होने के बरसों बाद भी आज तक किसी भी वादे को पूरा नहीं किया.
विस्थापितों को मिला मथुरा प्रसाद का साथ, जरुरत पड़ने पर धरने पर बैठेंगे विधायक

धरना पर बैठे ग्रामीणों को विधायक मथुरा प्रसाद का भी साथ मिला. मथुरा महतो ने धरना स्थल पर पहुंच रैयतों, विस्थापितों
और ग्रामीणों से वार्ता की और कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार में सभी रैयतों और विस्थापितों को उचित नियोजन और
मुआवजा मिलेगा.
बीसीसीएल की मनमानी के कारण विस्थापित और रैयतों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
यह काफी दुखद है कि रैयतों और विस्थापितों को अपनी हक के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा.
इस मुद्दे पर त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित की जाएगी, इसमें कोयला भवन के वरीय अधिकारी, धनबाद उपायुक्त और ग्रामीण मौजूद
रहेंगे.
जब तक रैयतों और विस्थापितों की मांगें पूरी नहीं होती धरना जारी रहेगा. मथुरा महतो ने विस्थापितों को आश्वासन दिया कि
जरूरत पड़ने पर मैं खुद भी धरने पर बैठूंगा.
बीसीसीएल की मनमानी के कारण लॉ एंड ऑर्डर की समस्या का करना पड़ता है सामना

धरना स्थल पर मौजूद झरिया अंचल, सीओ प्रमेश कुशवाहा ने कहा कि बीसीसीएल
की मनमानी के कारण कई बार लॉ एंड ऑर्डर में की समस्या का सामना करना पड़ता है.
जिला प्रशासन ने कई बार ग्रामीणों और बीसीसीएल के बीच वार्ता करवायी है,
लेकिन जैसे ही वार्ता के बाद आंदोलन खत्म होता है, बीसीसीएल अपने वादे से मुकर जाता है.
रिपोर्टः अनिल मुंडा


















