रांची: झारखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग गुप्ता चुनावी प्रक्रिया से हटाए जा सकते हैं। उनके खिलाफ चल रही जांच और झारखंड हाई कोर्ट द्वारा कोलकाता कैश कांड में उनकी भूमिका की सीबीआई जांच के आदेश इस फैसले का मुख्य कारण हो सकते हैं।
संभावना है कि विधानसभा चुनाव की आधिकारिक अधिसूचना जारी होते ही चुनाव आयोग इस संदर्भ में निर्देश जारी करेगा। अनुराग गुप्ता, 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी, को 2019 में भी हार्स ट्रेडिंग के आरोपों के चलते चुनाव कार्य से हटाया गया था।
हाई कोर्ट ने हाल ही में गुप्ता की भूमिका पर सवाल उठाए हैं, खासकर अधिवक्ता राजीव कुमार की कोलकाता में गिरफ्तारी में। ईडी ने अपनी चार्जशीट में कहा था कि राजीव कुमार को रिश्वत का प्रलोभन देकर बुलाने और गिरफ्तार कराने के पीछे एक साजिश थी।
इसके अलावा, रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री के खिलाफ भी निर्वाचन आयोग के निर्देश पर सरकार को कार्रवाई करनी पड़ सकती है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि सरकार को हाई कोर्ट के निर्णय के अनुसार मंजूनाथ को उपायुक्त पद से हटाना होगा और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करनी होगी।







