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पटना: राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के केंद्रीय और राज्य कार्यालय में पार्टी एवं दलित सेना के संस्थापक पदम् भूषण स्व रामविलास पासवान की चौथी पुण्यतिथि मनायी गई। दोनों जगहों पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में रालोजपा एवं एनडीए के नेताओं ने स्व रामविलास पासवान के तैलचित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित किया।
इस मौके पर पशुपति पारस ने दलित सेना एवं पार्टी पदाधिकारियों एवं उपस्थित कार्यकर्ताओं के बीच रामविलास पासवान की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रामविलास पासवान देश के शोषितों दलितों वंचितों एवं गरीबों की प्रखर एवं मुखर आवाज थे। उन्होने अपना संपूर्ण जीवन समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों को समाज के मुख्य धारा से जोड़ने तथा उनके उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। पूरा राष्ट्र उनको दूसरे अम्बेदकर के नाम से जानता था। दलितों को सशक्त बनाने में उनके योगदान को हमेशा याद किया जायेगा।
इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि स्व रामविलास पासवान बिहार के ही नहीं देश भर के दलितों के मुखर आवाज थे। उनके ही प्रयास से देश भर के दलितों को उचित सम्मान मिल रहा है। उन्होनें कहा रामविलास पासवान की याद में संसद भवन में स्व रामविलास पासवान की तस्वीर लगनी चाहिए और बिहार में एक संग्रहालय का निर्माण होना चाहिए।
प्रदेश कार्यालय पटना में रामविलास पासवान की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए बिहार सरकार के मंत्री महेश्वर हजारी ने कहा कि गरीबों के मसीहा, गरीबों के सबसे बड़े नेता का आज पुण्यतिथि है। उनके चरणों में पुष्प अर्पित करता हूँ। उन्होंने कहा कि स्व रामविलास पासवान का संसदीय इतिहास पुराना रहा है। वे 1970 से विधायक व 1977 से सांसद रहे हैं। इन्हें अगर भारत रत्न मिलता है तो यह बाबा साहब अम्बेडकर का सम्मान होगा।
पूर्व मंत्री जदयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने उनको याद करते हुए कहा कि रामविलास पासवान का जीवन दलितों और शोषितों के लिए समर्पित रहा है इनके ही प्रयास से संसद भवन में बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर जी की तैल्य चित्र लगा और उन्हें भारत रत्न की उपाधि मिली। रामविलास पासवान के तैल्य चित्र पर माल्यार्पण अर्पित करने के उपरांत पूर्व केन्द्रीय मंत्री भाजपा नेता संजय पासवान ने कहा कि उन्होने अपना पूरा जीवन दलितों और वंचितों को सशक्त बनाने में लगा दिया।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व सांसद प्रिंस राज पासवान ने बिहार सरकार से आग्रह किया कि राज्य सरकार रामविलास पासवान को भारत रत्न से सम्मानित करने की सिफारिश केन्द्र सरकार को भेजें तथा उन्होनें यह मांग की कि राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी राज्य कार्यालय को रामविलास पासवान के नाम पर संग्राहलय के रूप में घोषित किया जायेगा तथा 5 जुलाई को उनके जयंती के दिन पर राजकीय अवकाश घोषित किया जाये।
रालोजपा के राष्ट्रीय महासचिव पूर्व सांसद चंदन सिंह ने कहा कि रामविलास पासवान बिहार के ही नहीं देश के बड़े राजनीतिक हस्ती रहे हैं और उन्होनें सर्वप्रथम दलितों के साथ गरीब सवर्ण समुदाय को दस प्रतिशत आरक्षण की मांग की थी जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूरा किया।
इस मौके पर पार्टी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विरेश्वर सिंह, हम (सेक्युलर) के नेता दानिश रिजवान राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रवण कुमार अग्रवाल, राष्ट्रीय महासचिव दलित सेना अम्बिका प्रसाद बिनू, दलित सेना के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम कुमार दाहा, अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रंजीत कुमार, पूर्व प्रदेश महासचिव प्रमोद सिंह, पूर्व कोषाध्यक्ष सुनील सिन्हा, व्यवसायिक प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पारसनाथ गुप्ता, दलित सेना प्रधान महासचिव रंजीत पासवान, ई विजय सिंह, उपेन्द्र यादव, चंदन कुमार सिंह, चंदन कुमार, राधाकान्त पासवान सहित बड़ी संख्या में रालोजपा एवं दलित सेना के नेताओं ने स्व रामविलास पासवान को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
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