सिकरहना नदी ने पानी कम होने के साथ तेजी से हो रहा है कटाव

मोतिहारी : मोतिहारी जिला से होकर बहने वाली सिकरहना नदी ने पानी कम होने के साथ तेजी से कटाव करना शुरू कर दिया है। जिला का सुगौली और बंजरिया प्रखंड सिकरहना के कटाव से ज्यादा प्रभावित हो रहा है। हालांकि, बंजरिया प्रखंड से जो तस्वीर सामने आई है। उससे यही लगता है कि सिकरहना नदी सब कुछ अपने में समा लेना चाह रही है। कई सड़कें सिकरहना के कटाव का दंश झेल रही है। बंजरिया से रामगढ़वा जाने वाली सड़क पर सिकरहना ने कई जगह कटाव शुरू कर दिया है और कई फीट सड़क को अपने में समेट लिया है। जिस कारण दर्जनों गांव का सम्पर्क प्रखंड और जिला मुख्यालय से कट गया है।

सिकरहना के कटाव को लेकर स्थानीय विधायक और पूर्व मंत्री ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अभियंताओं की मनमानी से नदी कई जगह पर तेजी से कटाव कर रही है। जिसकी जानकारी विभाग के अधिकारी को दी गई थी लेकिन अधिकारियों ने कटावरोधी कार्य नहीं किया। बाढ़ का पानी उतरने के बाद सिकरहना नदी का तांडव शुरू है।सिकरहना नदी ने अब तेजी से कटाव शुरु कर दिया है। बंजरिया के चैलाहा से रामगढ़वा प्रखंड के बेला चौक तक जाने वाली सड़क को जोड़ने वाली रोड पर सिकरहना नदी ने कई जगह कटाव शुरू कर दिया है।

इसके अलावा लगभग 10 अन्य जगहों पर सिकरहना विभिन्न जगहों पर लगातार कटाव कर रही है। बंजरिया प्रखंड में कपरसंडी गांव के उत्तर, मोखलिसपुर गांव के मध्य विद्यालय के समीप, गोबरी मंदिर के समीप, सिसवनिया पुल के बाएं और दाहिने तरफ, महम्मदपुर के उत्तर दिशा, जनेरवा महादलित बस्ती, जनेरवा कब्रिस्तान के पश्चिम, जटवा मदरसा नया टोला के समीप, खैरी गांव के दक्षिण, सुंदरपुर पकड़िया टोला के उत्तर और सुंदरपुर मस्जिद के समीप सिकरहना नदी तेजी से कटाव कर रही है।

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वहीं सिकरहना नदी ने बंजरिया के चैलाहा से सुगौली प्रखंड के करमवा बाजार होते हुए रामगढ़वा प्रखंड के बेला तक जाने वाली सड़क पर बुढ़वा गांव के पास पुल बन रही है। जिसके डायवर्सन पर पानी का बहाव काफी तेज है। जिस कारण बंजरिया, सुगौली और रामगढ़वा के लोग वैकल्पिक मार्ग के रूप में जटवा से जनेरवा सड़क का उपयोग करते थे जो तीनों प्रखंड को जोड़ती थी।लेकिन सिकरना नदी ने उस सड़क पर जटवा और जनेरवा के पास कई जगह कटाव शुरू कर दिया। कहीं-कहीं आधा सड़क नदी में समा गई है। तो एक जगह पूरी पक्की सड़क नदी के गर्भ में समा गई। जिस कारण लगभग एक दर्जन से ज्यादा गांवों का सम्पर्क कट गया है। बुढ़वा डायवर्सन से आवागमन बाधित होने के कारण बंजरिया प्रखंड के फुलवार उतरी, फुलवार दक्षिणी, रोहिनिया और जनेरवा के अलावा कई पंचायत के लोग इसी मार्ग से प्रखंड व जिला मुख्यालय आते जाते रहे हैं। जिस सड़क के नदी द्वारा काट लिए जाने कारण कई प्रखंड के लोग भी प्रभावित होंगे।

इस संबंध में पूछे जाने पर स्थानीय विधायक व पूर्व मंत्री शमीम अहमद ने कहा कि जल संसाधन विभाग के अलावा मुख्यमंत्री को भी सिकरहना नदी के कटाव से संबंधित जानकारी लिखित रूप में देकर कटावरोधी कार्य चलाने का आग्रह किया था लेकिन अधिकारियों की मनमानी है। नदी जिस तेजी से कटाव कर रही है। उससे नए इलाकों में फिर से पानी फैलेगा। जबकि बंजरिया प्रखंड के कई गांव अभी भी पानी में डूबे हुए हैं। पूरा बंजरिया प्रखंड हर साल बाढ़ का दंश झेलता है। अधिकारियों के अलावा सरकार से आग्रह करके थक गया।लेकिन बाढ़ निरोधक कार्य केवल कागजों पर अधिकारी करते हैं और लोगों को अपने हाल पर छोड़ देते हैं।

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सोहराब आलम की रिपोर्ट

Saffrn

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