रांची: झारखंड की चुनावी महक का मौसम आ चुका है, और इस बार तो ऐसा लग रहा है जैसे मतदाता अब कोई कस्टमर बन गए हैं। उन्हें चुनावी बज़ार में उतारे गए “उत्पादों” का बारीकी से चुनाव करना है। नेताओं ने अपने-अपने प्रचार के लिए जो रणनीतियाँ बनाई हैं, वो तो किसी टेलीविजन शॉपिंग चैनल की स्क्रिप्ट से कम नहीं हैं!
भाजपा का ऑफर: अमित शाह, नड्डा और राजनाथ सिंह जैसे “हैवीवेट सेल्समैन” 10-10 सभाओं के साथ मैदान में हैं। इनके प्रचार की तासीर ऐसी है जैसे “बाय वन, गेट वन फ्री” का ऑफर दे रहे हों! प्रधानमंत्री मोदी की 6 से 7 जनसभाएं भी हैं, जो जैसे किसी बड़े डील की घोषणा हो!
जदयू का कस्टमर केयर: नीतीश कुमार सड़क मार्ग से प्रचार करते हुए ऐसा लगेगा जैसे ग्राहकों को “सीधे मिलकर” उनकी समस्याएं सुनने आए हैं। जदयू की रणनीति बस अपने क्षेत्र पर ध्यान देने की है, जैसे कोई लोकल ब्रांड जो अपने खास कस्टमर्स को खुश करना चाहता है।
आजसू पार्टी का स्पेशल पैकेज: सुदेश महतो अपने क्षेत्र में प्रचार करते हुए यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सभी “कस्टमर्स” उन्हें ही चुनें। उनका विचार है कि “एक्सक्लूसिव ऑफर” देने से ज्यादा लोग उनकी ओर आकर्षित होंगे।
झामुमो का प्रचार: हेमंत और कल्पना सोरेन ने उम्मीदवारों का नामांकन करते ही प्रचार का बिगुल बजा दिया। मानो ये लोग किसी शॉपिंग मॉल में ग्राहकों को लुभाने के लिए आए हों। 38 स्टार प्रचारकों की लिस्ट है, जैसे कोई बड़ा सेलिब्रिटी इवेंट!
कांग्रेस का ऑब्जर्वर गैंग: राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे को ऑब्जर्वर बनाया गया है, जैसे कोई सुपरवाइज़र जो ग्राहकों को सही दिशा में ले जाने की कोशिश कर रहा हो। लोकल स्टार प्रचारकों की सूची तैयार है, ताकि “कस्टमर्स” को प्रभावित किया जा सके।
राजद का फोकस: राजद ने चतरा में अपने उम्मीदवार का नामांकन करते ही प्रचार शुरू कर दिया है। तेजस्वी और उनकी टीम “स्टार सेल्समैन” बनकर अपनी पोटली में वोटरों को लुभाने के लिए तैयार हैं।
तो इस बार चुनावी बज़ार में आप ग्राहक हैं, और नेता सेल्समैन! चुनावी वादों की बिक्री चल रही है, और देखना यह है कि कौन सा नेता आपकी टोकरी में जगह बना पाता है। मतदाता बन गए ग्राहक, और नेता बन गए उपभोक्ता, ऐसे में चुनावी मेला मजेदार ही होगा!







