Yogi का ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ नारा ‘निकृष्टतम’, बोले सपा मुखिया AKhilesh Yadav

डिजीटल डेस्क : Yogi का ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ नारा ‘निकृष्टतम’, बोले सपा मुखिया AKhilesh Yadav । देश में महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं और वहां की तुलना में उत्तर प्रदेश में सियासी तापमान लगातार चरम पर बना हुआ है।

सीएम Yogi आदित्यनाथ के बीते दिनों हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए ‘बटेंगे तो कटेंगे, एक रहेंगे तो नेक रहेंगे, सुरक्षित रहेंगे और समृद्धि की पराकाष्ठा पर पहुंचेंगे’ वाले बयान व नारे ने यूपी के सियासी माहौल में गदर मचा रखा है। प्रतिपक्षी समाजवादी पार्टी ने इसके जवाब में जुड़ेंगे तो जीतेंगे का नारा दिया।

यानी कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश में चल रहे उपचुनाव के बीच नारों की सियासत काफी गरमाई हुई है। अब शनिवार को सीएम Yogi के ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ नारा को लेकर समाजवादी पार्टी मुखिया AKhilesh Yadav ने नए सिरे से निशाना साधा है।

AKhilesh Yadav ने कहा कि – ‘देश के इतिहास में ये नारा ‘निकृष्टतम-नारे’ के रूप में दर्ज होगा और उनके राजनीतिक पतन के अंतिम अध्याय के रूप में आखिरी ‘शाब्दिक कील’ साबित होगा’।

AKhilesh Yadav बोले – भयभीत हैं योगी, बेच रहे हैं भय

समाजवादी पार्टी मुखिया AKhilesh Yadav यहीं नहीं रुके। पूर्व मुख्यमंत्री AKhilesh Yadav ने शनिवार को आगे कहा कि ‘Yogi आदित्यनाथ का बटेंगे तो कटेंगे वाला नारा नकारात्मक है। …यह नारा उनकी निराशा और नाकामी का प्रतीक है।

…इस नारे ने साबित कर दिया है कि उनके जो गिनती के 10 फीसद मतदाता बचे हैं, अब वो भी खिसकने के कगार पर हैं, इसलिए ये उनको डराकर एक करने की कोशिश में जुटे हैं, लेकिन ऐसा होने वाला नहीं।

….नकारात्मक-नारे का असर भी होता है। दरअसल, इस निराश-नारे के आने के बाद उनके बचे-खुचे समर्थक ये सोचकर और भी निराश हैं कि जिन्हें हम ताकतवर समझ रहे थे, वो तो सत्ता में रहकर भी कमजोरी की ही बातें कर रहे हैं।

…जिस ‘आदर्श राज्य’ की कल्पना हमारे देश में की जाती है, उसके आधार में ‘अभय’ होता है, ‘भय’ नहीं। ये सच है कि ‘भयभीत’ ही ‘भय’ बेचता है, क्योंकि जिसके पास जो होगा, वो वही तो बेचेगा’।

अखिलेश यादव
अखिलेश यादव

AKhilesh Yadav ने दिया नया नारा – सकारात्मक समाज कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा…

सीएम Yogi आदित्यनाथ के नारे पर पूर्व सीएम AKhilesh Yadav ने कहा कि ये नारा उनके (योगी आदित्यनाथ के) राजनीतिक पतन के अंतिम अध्याय के रूप में आखिरी शाब्दिक कील साबित होगा।

शनिवार को को सोशल मीडिया मंच एक्स पर AKhilesh Yadav ने लिखा कि – ‘उनका नकारात्मक-नारा उनकी निराशा और नाकामी का प्रतीक है। …देश और समाज के हित में उन्हें अपनी नकारात्मक नजर और नजरिये के साथ अपने सलाहकार भी बदल लेने चाहिए, ये उनके लिए भी हितकर साबित होगा।

….एक अच्छी सलाह ये है कि पालें तो अच्छे विचार पालें और आस्तीनों को खुला रखें, साथ ही बांहों को भी, इसी में उनकी भलाई है। …सकारात्मक समाज कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा’।

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