रांची: JEE Main 2025 के जनवरी सत्र के लिए आवेदन प्रक्रिया चल रही है और अब तक 5 लाख 10 हजार से अधिक छात्रों ने आवेदन किया है। आवेदन की अंतिम तिथि 22 नवम्बर तक है, जबकि पिछले वर्ष पहले सत्र के लिए 12 लाख 21 हजार से अधिक छात्रों ने आवेदन किया था। हालांकि, इस वर्ष आवेदन प्रक्रिया में एक नई बाधा उत्पन्न हुई है, जो ओबीसी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के छात्रों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।
पहली बार, आवेदन के दौरान ओबीसी और ईडब्ल्यूएस छात्रों से उनके श्रेणी सर्टिफिकेट की आईडी, इश्यू डेट, और प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारी का नाम मांगा जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस नए नियम के कारण हजारों छात्र आवेदन प्रक्रिया से बाहर हो गए हैं क्योंकि उन्हें इन जानकारियों का संकलन करना मुश्किल हो रहा है।
JEE Main 2025 :
सामान्यत: आईआईटी और एनआईटी में प्रवेश के लिए ओबीसी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के प्रमाणपत्र के लिए 1 अप्रैल के बाद की तिथि मान्य होती है। ऐसे में आवेदन के समय इन प्रमाणपत्रों की जानकारी केवल एक औपचारिकता के रूप में मांगी जा रही है, क्योंकि काउंसलिंग के दौरान छात्रों को नया सर्टिफिकेट प्रस्तुत करना ही होगा।
यदि एनटीए (NTA) इस मामले में जल्द राहत नहीं देती, तो ओबीसी और ईडब्ल्यूएस के छात्रों को मजबूरन सामान्य श्रेणी से आवेदन करना पड़ सकता है। छात्रों का कहना है कि इस स्थिति में उन्हें अपने सर्टिफिकेट को पहले तैयार करना होगा, जो कि एक अतिरिक्त परेशानी बन गया है।
इसके मद्देनजर, विशेषज्ञों का सुझाव है कि एनटीए को श्रेणी सर्टिफिकेट डिटेल्स के कॉलम को वैकल्पिक (ऑप्शनल) करना चाहिए, ताकि छात्रों को आवेदन में कोई और रुकावट न हो और वे बिना किसी बाधा के आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकें।
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