Advertisment

झारखंड विधानसभा चुनाव 2024: दूसरे चरण के मतदान के लिए प्रचार थमने के बाद अब उम्मीदवारों का डोर टू डोर कैंपेन

रांची: झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 के दूसरे और अंतिम चरण की 38 सीटों पर चुनावी प्रचार सोमवार को समाप्त हो गया। अब, उम्मीदवार डोर टू डोर कैंपेन के जरिए अपनी किस्मत को संवारने की कोशिश करेंगे। इस चरण में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, स्पीकर रबीन्द्रनाथ महतो, पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, पूर्व उप मुख्यमंत्री सुदेश महतो सहित 528 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं।

दूसरे चरण के चुनावी प्रचार के अंतिम दिन सभी प्रमुख राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों ने जोर-शोर से अपनी प्रचार गतिविधियाँ कीं। अब तक इस चरण के चुनावी प्रचार में झारखंड के कई प्रमुख नेता अपनी-अपनी ताकत झोंक चुके हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ उनकी पत्नी कल्पना सोरेन, भाई बसंत सोरेन, और 11 पूर्व मंत्रियों की किस्मत भी दांव पर है। वहीं, भाजपा में शामिल होने वाले झामुमो के पूर्व नेताओं लोबिन हेम्ब्रम, सीता सोरेन और लुईस मरांडी की किस्मत पर भी सभी की नजरें होंगी।

इस चरण में गिरिडीह से एक ट्रांसजेंडर उम्मीदवार अश्विनी आंबेडकर भी चुनावी मैदान में हैं। इस चरण में कुल 528 उम्मीदवारों में 472 पुरुष और 55 महिला उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। इसके साथ ही महाराष्ट्र में भी 288 सीटों के लिए चुनावी शोर थम चुका है, जहां कुल 9.70 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

चुनाव प्रचार की समय सीमा खत्म होने के बाद उम्मीदवार अब अपनी-अपनी विधानसभा क्षेत्रों में घर-घर जाकर वोटरों से संपर्क करेंगे। वहीं, 20 नवंबर को झारखंड के 38 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा, जबकि मतगणना 23 नवंबर को होगी।

चुनावों में जिन नेताओं की किस्मत दांव पर है, उनके लिए इस अंतिम दौर में डोर टू डोर कैंपेन ही एक प्रमुख विकल्प बन गया है। यह चुनाव राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण मोड़ ला सकते हैं।

 

Jugsalai Sharab Dukaan Virodh: जुगसलाई में शराब दुकान को लेकर बवाल,...

Jugsalai Sharab Dukaan Virodh: जुगसलाई इलाके में स्थानीय लोगों ने मंदिर के सामने शराब की दुकान खोलने का विरोध किया है। उनका तर्क है कि...

Baghmara Bijli Vivad: बाघमारा में बिजली विवाद बना हिंसक, पथराव और...

Baghmara Bijli Vivad: ज़िले के बाघमारा ब्लॉक के बरोरा थाना क्षेत्र में बिजली सप्लाई बहाल करने को लेकर दो गांवों के लोगों के बीच हुआ...

East Singhbhum Dhan Ropai: कम बारिश के बीच कैसे बचा रहे...

East Singhbhum Dhan Ropai: पूर्वी सिंहभूम ज़िले में इस साल सामान्य से कम बारिश होने के बावजूद, किसान धान की रोपाई में तेज़ी से...