महाराष्ट्र में वोटिंग से ऐन पहले कैश कांड से खलबली, चुनाव आयोग का भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव के खिलाफ एफआईआर

डिजीटल डेस्क : महाराष्ट्र में वोटिंग से ऐन पहले कैश कांड से खलबली, चुनाव आयोग का भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव के खिलाफ एफआईआर। मतदान से ठीक 24 घंटे पहले महाराष्ट्र की सियासत में मंगलवार को उस वक्त खलबली मच गई, जब भाजपा के कद्दावर नेता और राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े पर 5 करोड़ रुपये बांटने का आरोप लगा।

भाजपा महासचिव पर यह आरोप मुंबई के नालासोपारा विधानसभा के वर्तमान विधायक क्षितिज ठाकुर ने लगाया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग ने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया है।

यह मामला प्रकाश में आते ही मुंबई से लेकर दिल्ली तक सियासी आरोप-प्रत्याऱोप और बयानबाजी का बाजार गर्म हो गया है।

क्षितिज के पिता हितेंद्र बोले – तावड़े ने किए थे 25 दफे कॉल

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए मतदान से ऐन पहले मची खलबली ने भाजपा को बैकफुट पर ला दिया। भाजपा महासचिव पर कैश कांड का आरोप लगाने वाले मुंबई के नालासोपारा विधानसभा के वर्तमान विधायक क्षितिज ठाकुर की सियासत में अपनी अलग पहचान है। नालासोपारा के विधायक क्षितिज ठाकुर इलाके के कद्दावर नेता हितेंद्र ठाकुर के बेटे हैं।

कैश कांड को लेकर चुनाव आयोग की ओर से की गई कार्रवाई के बाबत कैमरे पर आकर हितेंद्र ठाकुर ने बयान भी दिया है। एक मराठी न्यूज चैनल से बात करते हुए हितेंद्र ठाकुर ने कहा कि – ‘मेरे पास विनोद तावड़े के 25 फोन आए हैं। मैं इस मामले में सख्त कार्रवाई चाहता हूं’।

एक कार्यक्रम में हितेंद्र ठाकुर।
एक कार्यक्रम में हितेंद्र ठाकुर।

ऐन वोटिंग से पहले महाराष्ट्र की सियासत में खलबली मचाने वाले हितेंद्र ठाकुर को जानें….

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर अचानक वोटिंग से 24 घंटे पहले सत्तारूढ महायुति और उसके अगुवा पार्टी भाजपा को बैकफुट पर लाने वाले नालासोपारा के विधायक के पिता हितेंद्र ठाकुर की मराठी सियासत में अपनी अलग पहचान है। मुंबई आसपास में उनका अपना अलग मिजाज रहा है।

मुंबई आउटर में स्थित है वसई का इलाका, जो कि पालघर से लगा है। यह इलाका समुद्र के किनारे है। हितेंद्र ठाकुर का जन्म भी इसी इलाके में विष्णु ठाकुर के घर साल 1961 में हुआ था। इस समय  63 साल के हितेंद्र की सियासत में एंट्री वर्ष 1988 में हुई थी।

राजनीति में आने से पहले हितेंद्र अपने भाई के साथ डेयरी फॉर्म चलाते थे लेकिन वर्ष 1988 में एक घटना के बाद वह राजनीति में आ गए। वह घटना थी एक रियल स्टेट कारोबारी सुरेश दुबे की हत्या की। हत्या का आरोप हितेंद्र के भाई जयेंद्र उर्फ भाई ठाकुर पर लगा था। उस हत्या के बाद पुलिस ने ठाकुर परिवार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

पुलिस ने भाई ठाकुर पर दाऊद गैंग से जुड़ने के आरोप लगाए। उस वक्त दाऊद का ठाकुर परिवार के घर आना-जाना भी था। हालांकि, ठाकुर परिवार हमेशा इन आरोपों को खारिज करते रहे। दाऊद से नाम जुड़ने और क्राइम-पुलिस की चंगुल में फंस चुके ठाकुर परिवार यह समझ गया कि अब राजनीति ही आखिरी सहारा है।

उसके बाद ही हितेंद्र कांग्रेस में आ गए और कांग्रेस में सालों तक राजनीति की। बाद में खुद की बहुजन विकास अघाड़ी नामक पार्टी बना ली। हितेंद्र और उनका परिवार तब से ही बहुजन विकास अघाड़ी के जरिए लोगों से संपर्क में रहते हैं। इस समय पालघर की 3 विधानसभा सीटों पर ठाकुर परिवार का ही सियासी दबदबा है।

हितेंद्र ठाकुर
हितेंद्र ठाकुर

भाजपा, कांग्रेस और शिवसेना के नेताओं में संपर्क में रहने वाले अरबपति हितेंद्र के खिलाफ हैं 4 मुकदमें

महाराष्ट्र की सियासत में अचानक से खलबली मचाने के साथ भाजपा को बैकफुट पर लाने के बाद से ही हिंतेंद्र ठाकुर और उनके विधायक बेटे लगातार सुर्खियों में हैं। लोग उनके बारे में विस्ता से जानना चाह रहे हैं। हितेंद्र ठाकुर के पास अरबों की संपत्ति है।

चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे के मुताबिक अकेले हितेंद्र की चल संपत्ति 39 करोड़ रुपये की है और उनकी पत्नी की चल संपत्ति 23 करोड़ रुपये की है। उन की अचल संपत्ति करीब 46 करोड़ रुपये की है जबकि उनकी पत्नी के पास 24 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है।

हितेंद्र ने अपना पेशा व्यवसाय बताया है और चुनाव आयोग में दर्ज ब्योरे के मुताबिक उनकी पत्नी भी व्यवसाय ही करती हैं। हितेंद्र पर कुल 4 मुकदमे दर्ज हैं, जिनकी सुनवाई अदालतों में चल रही है। हितेंद्र के अलावा परिवार से बेटा क्षितिज और बहू भी राजनीति में है जबकि दूसरे बेटे उतंग व्यवसाय करते हैं।

बताया जाता है कि पीएमसी बैंक घोटाला मामले में हितेंद्र ठाकुर ईडी की रडार पर भी हैं। उनके कई ठिकानों पर वर्ष 2021 में छापेमारी हो चुकी है। पिछले विधानसभा चुनाव यानी वर्ष 2019 में हितेंद्र की पार्टी के 3 विधायक चुनाव जीते थे। सियासी हलके में सभी वाकिफ हैं कि यही हितेंद्र ठाकुर भाजपा को कई मौकों पर अपना समर्थन दे चुके हैं।

वर्ष 2024 चुनाव से पहले महाराष्ट्र में राज्यसभा के चुनाव कराए गए थे और उसमें हितेंद्र ने भाजपा को समर्थन दिया था। उस वक्त समर्थन मांगने भाजपा की तरफ से कद्दावर मंत्री गिरिश महाजन हितेंद्र के घर गए थे। वसई में हितेंद्र का जो घर है, वहां भाजपा, कांग्रेस और क्षेत्रीय पार्टी के सभी नेता आ चुके हैं।

यह किसी से छुपा नहीं है कि कभी देश के पेट्रोलियम मंत्री अपनी जीत के लिए हितेंद्र ठाकुर के पास ही आते थे। हितेंद्र किसी एक के नहीं बल्कि सबके और सबसे बनाकर चलने वाले सियासतदां माने जाते हैं।

हितेंद्र ठाकुर का भाजपा, कांग्रेस और शिवसेना के बड़े नेताओं से सीधा संपर्क है और यह अपने क्षेत्र में भी काफी लोकप्रिय हैं। इनके बेटे क्षितिज नालासोपारा से 3 बार विधायकी जीत चुके हैं।

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