अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जिमी कार्टर का 100 साल की आयु में निधन

डिजिटल डेस्क। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जिमी कार्टर का 100 साल की आयु में निधन। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जिमी कार्टर का 100 साल की आयु में सोमवार को निधन हो गया।  जिमी कार्टर के निधन के बाद पूर्व राष्ट्रपति के सम्मान में 28 जनवरी 2025 तक पूरे अमेरिका में सरकारी इमारतो पर झंडा आधा झुका रहेगा।

राष्ट्रपति जो बाइडन ने जिमी कार्टर के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि आज अमेरिका और दुनिया ने एक असाधारण नेता, राजनेता और मानवतावादी खो दिया है।

वर्ष 2002 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित हुए थे पूर्व राष्ट्रपति जिमी कार्टर

अमेरिका के 39वें राष्ट्रपति जिमी कार्टर ने 1977 से 1981 तक यूएसए के 39वें राष्ट्रपति के रूप में पद संभाला। अपनी ईमानदारी और मानवीय प्रयासों के लिए उन्हें प्रशंसा भी मिली। साल 2002 में उन्हें दुनिया भर में लोकतंत्र और मानवाधिकारों को बढ़ावा देने के उनके काम के लिए नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

अमेरिका के 39वें राष्ट्रपति जिमी कार्टर की फाइल फोटो
अमेरिका के 39वें राष्ट्रपति जिमी कार्टर की फाइल फोटो

राष्ट्रपति के चुनाव में जिमी कार्टर की साफगोई वोटरों के दिलों को छू गई…

अमेरिका की सियासत में जिमी कार्टर अपने कामकाज एवं अप्रोच के लिए अलग ही माटी के बने हए माने जाते रहे। अमेरिका के जॉर्जिया राज्य के प्लेन्स में पैदा होने वाले कार्टर विनम्रता और सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण के जरिए राष्ट्रपति पद तक पहुंचे। इंजीनियरिंग बैकग्राउंड वाले कार्टर जॉर्जिया के गवर्नर थे।

साल 1976 के राष्ट्रपति पद की दौड़ में उन्होंने एक बाहरी व्यक्ति के रूप में प्रवेश किया। अपनी ईमानदारी दिखाते हुए उन्होंने जनता से महत्वपूर्ण वादा किया। उन्होंने कहा, ‘अगर मैं कभी आपसे झूठ बोलूं, अगर मैं कभी कोई भ्रामक बयान दूं, तो मुझे वोट न दें।’ वाटरगेट कांड और वियतनाम युद्ध से उबर रहे राष्ट्र के दिल को इस बयान ने छू लिया।

अमेरिका के 39वें राष्ट्रपति जिमी कार्टर की फाइल फोटो
अमेरिका के 39वें राष्ट्रपति जिमी कार्टर की फाइल फोटो

तत्कालीन राष्ट्रपति को मामली अंतर से कांटे की टक्कर में हराकर जीते थे जिमी कार्टर…

जिमी कार्टर के चुनावी अभियान को सार्वजनिक रूप से वित्त पोषित किया गया था और यह पारदर्शिता पर केंद्रित था। उन्होंने मौजूदा राष्ट्रपति गेराल्ड फोर्ड को मामूली अंतर से हराया। हालांकि उनका राष्ट्रपति पद जीत और परीक्षाओं का मिश्रण था। कार्टर का प्रभाव उनके राष्ट्रपति पद से कहीं आगे तक फैला हुआ था।

साल 1982 में स्थापित कार्टर सेंटर के माध्यम से उन्होंने संघर्षों को हल करने, चुनावों की निगरानी करने और दुनिया के कुछ सबसे वंचित क्षेत्रों में बीमारियों को मिटाने के लिए खुद को समर्पित कर दिया। जिमी कार्टर के मानवीय प्रयासों ने उन्हें एक वैश्विक नेता के रूप में सम्मान दिलाया।

 

Saffrn

Trending News

Corrugated Boxes Supplier in Jharkhand & West Bengal | Aarisha Packaging Solutions

Social Media

180,000FansLike
28,100FollowersFollow
628FollowersFollow
688,500SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img
error: Content is protected !!