पटना: बिहार की विशेष निगरानी न्यायालय ने घूस मांगने के आरोप में एक अमीन को दोषी करार देते हुए तीन वर्षों की जेल और एक लाख रूपये का जुर्माना लगाया है। मामला नालंदा का है जब 9 सितंबर 2018 को निगरानी की टीम ने आरोपी अमीन को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। मामले में निगरानी कोर्ट ने आरोपी अमीन को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष की सश्रम कारावास और एक लाख रूपये का जुर्माना लगाया है।
मिली जानकारी के अनुसार नालंदा के जिला बंदोबस्त पदाधिकारी के कार्यालय में प्रतिनियुक्त अमीन राजाराम सिंह ने जमीन सर्वे के दौरान परमानन्द सिंह नामक एक व्यक्ति से प्रति बीघा एक लाख के हिसाब से बीस बीघा जमीन के लिए बीस लाख रूपये की मांग की थी। मामले में दोनों के बीच पांच लाख रूपये पर बात बनी थी जिसके बाद उन्होंने निगरानी विभाग से मामले की शिकायत की।
निगरानी की इकाई ने 9 सितम्बर 2018 को आरोपी अमीन को घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था और अब उन्हें निगरानी कोर्ट ने मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष की सजा के साथ ही एक लाख रूपये का जुर्माना लगाया है। मामले में बिहार सरकार की तरफ से प्रभारी विशेष लोक अभियोजक (निगरानी ट्रैच) किशोर कुमार सिंह ने कोर्ट को साक्ष्य उपलब्ध करवा कर आरोप को सही साबित किया जिसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला अभियोजक के पक्ष में सुनाया और आरोपी को सजा दी।
बता दें कि निगरानी कोर्ट ने इस वर्ष 15 जनवरी को भी कृषि विभाग में पदस्थापित प्रशाखा पदाधिकारी राजनन्दन कुमार श्यामला को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी।
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पटना से चंदन तिवारी की रिपोर्ट
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