झारखंड हाईकोर्ट ने महिला पर्यवेक्षिका भर्ती मामले में अभ्यर्थियों को राहत दी है। एनसीएल और ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति रोकने वाले शो कॉज नोटिस रद्द, छह सप्ताह में नियुक्ति का आदेश।
Jharkhand High Court रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने महिला पर्यवेक्षिका प्रतियोगिता परीक्षा में नियुक्ति को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने राज्य सरकार को संबंधित अभ्यर्थियों की नियुक्ति छह सप्ताह के भीतर करने का आदेश दिया है। अदालत ने 25 मई 2026 को जारी शो कॉज नोटिस को भी रद्द कर दिया। मामला नॉन क्रीमी लेयर (एनसीएल) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के प्रमाण पत्र आवेदन की अंतिम तारीख के बाद जारी होने से जुड़ा था।
Jharkhand High Court: प्रमाण पत्र की तारीख को लेकर हाईकोर्ट ने क्या कहा?
हाईकोर्ट ने भर्ती विज्ञापन की शर्तों का अध्ययन करने के बाद कहा कि जब आवेदन की अंतिम तारीख से पहले एनसीएल और ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनवाने की स्पष्ट शर्त नहीं थी, तो बाद में जारी प्रमाण पत्रों के आधार पर अभ्यर्थियों को नियुक्ति से वंचित नहीं किया जा सकता।
अदालत के अनुसार, विज्ञापन में आवेदन की अंतिम तारीख तक शैक्षणिक योग्यता पूरी करने की शर्त थी। महिला पर्यवेक्षिका पद के लिए समाजशास्त्र, मनोविज्ञान या गृह विज्ञान में मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक होना अनिवार्य था। हालांकि, एनसीएल या ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र भी दो अक्टूबर 2023 तक जारी होना चाहिए, ऐसी स्पष्ट शर्त विज्ञापन में नहीं थी।
अदालत ने इसी आधार पर 25 मई 2026 को जारी कारण बताओ नोटिस रद्द करते हुए सरकार को छह सप्ताह के भीतर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया।
Jharkhand High Court: JSSC ने 444 पदों पर निकाली थी भर्ती
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) ने विज्ञापन संख्या 14/2023 के तहत महिला पर्यवेक्षिका के 444 पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख दो अक्टूबर 2023 निर्धारित थी।
परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को 27 मई 2025 को दस्तावेज सत्यापन के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था। इसके बाद आयोग ने 14 अगस्त 2025 को परिणाम जारी किया, जिसमें याचिकाकर्ता अभ्यर्थियों को भी सफल घोषित किया गया था।
दस्तावेज सत्यापन के दौरान अभ्यर्थियों ने वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के एनसीएल या ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र जमा किए थे। बाद में राज्य सरकार ने प्रमाण पत्र आवेदन की अंतिम तारीख के बाद जारी होने का हवाला देते हुए 25 मई 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया। इससे उनकी नियुक्ति का मामला अटक गया था।
Jharkhand High Court: नियुक्ति का रास्ता साफ, छह सप्ताह में कार्रवाई का निर्देश
हाईकोर्ट के फैसले के बाद संबंधित अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि भर्ती विज्ञापन में जो शर्त निर्धारित नहीं थी, उसके आधार पर अभ्यर्थियों को नियुक्ति से वंचित नहीं किया जा सकता।
अदालत ने राज्य सरकार को छह सप्ताह के भीतर नियुक्ति सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। इस मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा, अधिवक्ता अमृतांश वत्स और अधिवक्ता अर्पण मिश्रा ने पक्ष रखा।
Key Highlights
- झारखंड हाईकोर्ट ने महिला पर्यवेक्षिका भर्ती मामले में अभ्यर्थियों को राहत दी।
अदालत ने 25 मई 2026 को जारी शो कॉज नोटिस रद्द किया।
राज्य सरकार को छह सप्ताह में नियुक्ति करने का आदेश दिया गया।
जेएसएससी ने विज्ञापन संख्या 14/2023 के तहत 444 पदों पर भर्ती निकाली थी।
- एनसीएल और ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र जारी होने की तारीख को लेकर नियुक्ति अटकी थी।


















