विधानसभा में बोले CM Yogi – महाकुंभ को ‘मृत्यु कुंभ’ बताना सनातन आस्था पर सीधा प्रहार

लखनऊ : विधानसभा में बोले CM Yogi – महाकुंभ को ‘मृत्यु कुंभ’ बताना सनातन आस्था पर सीधा प्रहार। महाकुंभ को लेकर विपक्ष के लगातार जारी हमलों विशेषकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से महाकुंभ को ‘मृत्यु कुंभ’ बताने एवं उसे सपा मुखिया अखिलेश यादव के समर्थन पर बुधवार को यूपी के CM Yogi आदित्यनाथ जमकर बरसे।

CM Yogi ने विपक्षी नेताओं की ऐसी बातों को महाकुंभ को लेकर विपक्ष का अनर्गल प्रलाप तक कहा। बुधवार को यूपी विधानसभा के बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा में भाग लेने के क्रम में महाकुंंभ का मसला छाया रहा।

सत्ता पक्ष और विपक्ष ने लगातार इस मुद्दे पर एकदूसरे को घेरा और निशाने पर लेने की कोशिश की लेकिन जब CM Yogi चर्चा में भाग लेते हुए इसी मुद्दे पर सिलसिलेवार ढंग से  विपक्ष के आरोपों पर सधा हुआ आक्रामक पलटवार शुरू किया तो सदन तालियों और मेज की थपथपाहटों से गूंज उठा।

CM Yogi ने कहा कि – ‘…कुछ विपक्षी नेता महाकुंभ को ‘मृत्यु कुंभ’ बताकर सनातन धर्म का अपमान कर रहे हैं।  यह सनातन आस्था पर सीधा प्रहार है।

…सनातन धर्म भारत की आत्मा है और इसका सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। हमारी सरकार इस परंपरा को भव्यता देने के लिए कृत संकल्पित है।’

CM Yogi : महाकुंभ विरोधी अपनी सोच बदलें…

CM Yogi आदित्यनाथ ने आगे कहा कि – ‘…जो लोग महाकुम्भ का विरोध कर रहे हैं, वे अपनी सोच बदलें। 2017 के पहले उत्तर प्रदेश की छवि नकारात्मक थी, लेकिन डबल इंजन सरकार ने प्रदेश की धारणा बदली है।

…आज यूपी की छवि विकास, कानून व्यवस्था और संस्कृति के संरक्षण के लिए जानी जाती है। महाकुम्भ इसका एक बड़ा उदाहरण है। दुनिया हमें सम्मान की नजरों से देख रही है।  हमें गर्व है कि यह भव्य आयोजन हमारी सरकार के नेतृत्व में हो रहा है और हम इसे पूरी निष्ठा के साथ संपन्न करेंगे।

…महाकुंभ पार्टी विशेष व सरकार का नहीं, समाज का आयोजन है। उत्तरदायित्यों का निर्वहन करने के लिए सेवक के रूप में सरकार खड़ी है।

…दुष्प्रचार को दरकिनार करते हुए महाकुंभ के आयोजन के साथ सहभागी बनकर देश-दुनिया ने इसे सफलता की नई ऊंचाई तक पहुंचाया।’

बुघवार को यूपी विधानसभा में बोलते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ।
बुघवार को यूपी विधानसभा में बोलते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ।

बोले CM Yogi – क्रिकेटर शमी ने भी किया स्नान तो विरोध क्यों?

इसी क्रम में न केवल यूपी के बल्कि अन्य प्रदेशों एवं राष्ट्रीय स्तर पर महाकुंभ को लेकर यूपी की सत्तारूढ़ सरकार पर हमलावर विपक्षी सियासी दलों पर CM Yogi ने ताबड़तोड़ प्रहार किया। CM Yogi  ने कहा कि – ‘…सनातन धर्म की सुरक्षा ही विश्व मानवता की सुरक्षा की गारंटी है। प्रयागराज महाकुंभ में हर जाति, मत और मजहब के लोग श्रद्धा के साथ पहुंचे हैं।

…जब क्रिकेटर मोहम्मद शमी तक ने स्नान किया, तो विपक्षी नेता इसका विरोध क्यों कर रहे हैं? विपक्ष महाकुंभ ही नहीं, बल्कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का भी विरोध करता रहा है।

…जब सर्वोच्च न्यायालय ने सर्वसम्मति से राम जन्मभूमि पर फैसला दिया, तब भी समाजवादी पार्टी और कांग्रेस जैसे दलों ने इसका विरोध किया था। अयोध्या में रामलला विराजमान हुए, तब भी यही लोग विरोध कर रहे थे। जब हमने प्रस्ताव दिया कि सभी विधायक अयोध्या दर्शन के लिए जाएं, तब समाजवादी पार्टी ने वॉकआउट कर दिया।

…2013 में जब समाजवादी पार्टी की सरकार थी, तब इनके नेताओं को प्रयागराज जाने से रोका गया था, लेकिन इस बार वे खुद वहां गए और हमारे द्वारा की गई व्यवस्थाओं की प्रशंसा भी की।’

बुघवार को यूपी विधानसभा में बोलते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ।
बुघवार को यूपी विधानसभा में बोलते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ।

CM Yogi : संक्रमित का उपचार है लेकिन संक्रमित सोच का नहीं…

CM Yogi आदित्यनाथ बुधवार को सदन में महाकुंभ के मसले पूरे सियासी बैटिंग के मूड में नजर आए। CM Yogi ने आगे कहा कि – ‘…संक्रमित व्यक्ति का उपचार संभव है, लेकिन संक्रमित सोच का उपचार नहीं किया जा सकता।  महान कार्यों को 3 अवस्थाओं से गुजरना पड़ता है। उपहास से, विरोध से और अंततः स्वीकृति से…।

…स्वीकृति का इससे बड़ा प्रमाण क्या हो सकता है कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष जो विरोध कर रहे थे,जाकर चुपके से स्नान कर आये। आज के समाजवादियों के बारे में मान्यता है कि जिस थाली में खाते हैं, उसमें छेद करते हैं। जो लोग शुरू में महाकुंभ का विरोध कर रहे थे, वे भी अब चुपचाप स्नान करने पहुंचे। 

…हाकुंभ को भव्य बनाने के लिए सरकार ने हर संभव प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध कराना है। प्रयागराज महाकुंभ में अब तक 56 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। हम इसे ऐतिहासिक बना रहे हैं और इसमें कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।  

…महाकुंभ कोई नया आयोजन नहीं है, बल्कि यह वैदिक परंपरा से चला आ रहा है। ऋग्वेद, अथर्ववेद और श्रीमद्भागवत महापुराण में भी इसका उल्लेख है। यह आयोजन भारतीय संस्कृति की आत्मा है और इसे संकीर्ण राजनीतिक नजरिए से देखना अनुचित है।’

Saffrn

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