रांची: जैक की 10वीं बोर्ड परीक्षा का प्रश्न पत्र गिरिडीह से लीक हुआ था। इस सनसनीखेज मामले में कोडरमा पुलिस ने मास्टरमाइंड कमलेश कुमार समेत छह युवकों को गिरिडीह के न्यू बरगंडा से गिरफ्तार किया है। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने मुंबई से गुलाम और कर्नाटक से मूक-बधिर प्रिंस राणा को भी हिरासत में लिया है। इस पेपर लीक प्रकरण के पीछे जो कहानी सामने आई है, वह बेहद चौंकाने वाली है।
प्रेमिका को पास कराने के लिए रची गई साजिश
पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि इस पेपर चोरी की योजना 12वीं के छात्र कमलेश कुमार ने अपनी प्रेमिका को पास कराने के उद्देश्य से बनाई थी। उसने अपने दोस्त मुकेश कुमार उर्फ धौनी के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया। दोनों ने मजदूर बनकर स्ट्रांग रूम में प्रवेश किया, जहां सात फरवरी को प्रश्न पत्रों को ट्रक से उतारा जा रहा था। इसी दौरान, इन्होंने ब्लेड से सीलबंद बोरे को काटकर हिंदी और विज्ञान विषयों के 10-10 प्रश्न पत्रों का बंडल चुरा लिया।
चोरी के बाद दोनों प्रश्न पत्रों को लेकर गिरिडीह के न्यू बरगंडा स्थित अपने किराए के मकान पहुंचे, जहां उन्होंने प्रश्न पत्रों की पीडीएफ फाइल तैयार की। इसके बाद, इन्होंने इन प्रश्न पत्रों को कई कोचिंग संचालकों और शिक्षकों को बेचा। कुछ ही समय में प्रश्न पत्रों की यह पीडीएफ पूरे राज्य में वायरल हो गई, जिससे परीक्षा की शुचिता पर गंभीर सवाल उठ गए।
पुलिस की कार्रवाई: मास्टरमाइंड समेत 8 गिरफ्तार
मंगलवार अहले सुबह कोडरमा एसडीपीओ अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया। सबसे पहले पुलिस ने बरमसिया से रोहित कुमार को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर न्यू बरगंडा स्थित रानी मिश्रा के आवास पर छापेमारी कर दो अलग-अलग कमरों से मास्टरमाइंड कमलेश कुमार, मुकेश कुमार उर्फ धौनी, लालमोहन कुमार, अंशु कुमार पांडेय और कृष्णा कुमार पांडेय को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने इन आरोपियों के ठिकाने से प्रश्नपत्रों की मूल कॉपी बरामद की। साथ ही, वह चादर और चटाई भी जब्त कर ली गई, जिस पर प्रश्न पत्र रखकर मोबाइल से फोटो खींचकर पीडीएफ तैयार की गई थी।
पेपर लीक करने का तरीका: मजदूर बनकर पहुंचे स्ट्रांग रूम
पेपर लीक के मुख्य आरोपी कमलेश कुमार का संबंध बिहार के जमुई जिले से है। वहीं, उसका साथी मुकेश 10वीं कक्षा का छात्र है। दोनों आरोपी गिरिडीह के न्यू बरगंडा इलाके में किराए के मकान में रहते थे और अपना खर्च चलाने के लिए कभी-कभी मजदूरी भी करते थे।
सात फरवरी को जैक बोर्ड रांची से 10वीं कक्षा की परीक्षा के प्रश्न पत्रों को तीन ट्रकों के जरिए गिरिडीह भेजा गया था। तीनों ट्रक जिला जनसंपर्क कार्यालय के पीछे शहरी आजीविका केंद्र में बने अस्थायी स्ट्रांग रूम के पास पहुंचे। प्रश्न पत्रों को अनलोड करने के लिए दो टोटो वाहनों के साथ आठ मजदूरों को लगाया गया था।
प्रश्न पत्रों के बोरे ट्रक से उतारने और स्ट्रांग रूम तक पहुंचाने का काम इन मजदूरों को दिया गया था। कमलेश और मुकेश ने इस अवसर का फायदा उठाया और ब्लेड से बोरे को काटकर प्रश्न पत्र चुरा लिए। बाद में, पैसे कमाने के लिए इन प्रश्न पत्रों को बेचने का निर्णय लिया और इसका व्यापार करना शुरू कर दिया।
प्रश्न पत्र लीक मामले की उच्च स्तरीय जांच होगी
झारखंड के गिरिडीह उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने इस पेपर लीक मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि जैक बोर्ड की 10वीं कक्षा की परीक्षा का प्रश्न पत्र गिरिडीह से लीक हुआ है।
उन्होंने कहा कि अब यह देखना जरूरी है कि इसमें सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई। निश्चित रूप से इसमें किसी न किसी स्तर पर भारी लापरवाही हुई है, जिसकी जांच की जा रही है। इस मामले में दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, वज्रगृह (स्ट्रांग रूम) में तैनात मजिस्ट्रेट, प्रभारी इंचार्ज और सुरक्षा कर्मियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
इसके अलावा, इस बात की भी जांच की जा रही है कि जिन मजदूरों को प्रश्न पत्रों के बंडल अनलोड करने का कार्य सौंपा गया था, उन्हें किसने लाया था और इस पूरे मामले में उनकी भूमिका क्या रही। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस मामले की गहन जांच के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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