Holi 2026 Update: 5:10 AM पर होलिका दहन, Lunar Eclipse के चलते बंद रहेंगे पहाड़ी मंदिर के कपाट

Holi 2026 Update : 3 मार्च 2026 को सुबह 5:10 बजे होलिका दहन होगा। शाम 6:10 बजे चंद्र ग्रहण लगेगा। सूतक के कारण रांची के पहाड़ी मंदिर के कपाट 9 घंटे पहले बंद रहेंगे।


Holi 2026 Update रांची: स्थित ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर में होली और चंद्र ग्रहण को लेकर विशेष धार्मिक व्यवस्था की गई है। 3 मार्च 2026 को सुबह 5:10 बजे होलिका दहन होगा, वहीं उसी दिन शाम 6:10 बजे चंद्र ग्रहण प्रारंभ होगा। ग्रहण से 9 घंटे पूर्व सूतक लगने के कारण मंदिर के कपाट निर्धारित समय पर बंद कर दिए जाएंगे।

मंदिर के मुख्य पुजारी मनोज मिश्रा ने बताया कि सुबह 5:10 बजे संवत दहन के साथ होलिका दहन की प्रक्रिया शुरू होगी। भद्रा समाप्ति के बाद ही विधिवत दहन किया जाएगा।

सुबह 5:10 बजे होलिका दहन, भद्रा के बाद होगा संवत दहन

पुजारी के अनुसार 3 मार्च की सुबह 5:10 बजे होलिका दहन का शुभ मुहूर्त है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा काल में होलिका दहन नहीं किया जाता, इसलिए भद्रा समाप्त होने के बाद ही संवत दहन किया जाएगा। इसे नए वर्ष और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है।

सुबह मंदिर में श्रद्धालु विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। होली के अवसर पर भोलेनाथ को गुलाल अर्पित करने की परंपरा भी निभाई जाएगी।


Key Highlights

  1. 3 मार्च 2026 को सुबह 5:10 बजे होगा होलिका दहन

  2. शाम 6:10 बजे से 7:30 बजे तक रहेगा चंद्र ग्रहण

  3. ग्रहण से 9 घंटे पहले लगेगा सूतक, सुबह 7:30 बजे बंद होंगे मंदिर के कपाट

  4. रात 7:30 बजे पुनः खुलेंगे पहाड़ी मंदिर के पट

  5. ग्रहण काल में दान, स्नान और जप का विशेष महत्व


शाम 6:10 बजे से चंद्र ग्रहण, 9 घंटे पहले लगेगा सूतक

3 मार्च को शाम 6:10 बजे चंद्र ग्रहण प्रारंभ होगा, जो लगभग 7:30 बजे तक रहेगा। धार्मिक परंपराओं के अनुसार ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है। इस अवधि में मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं।

इसी के तहत पहाड़ी मंदिर में 3 मार्च को सुबह पूजा-पाठ के बाद 7:30 बजे कपाट बंद कर दिए जाएंगे। ग्रहण समाप्ति के बाद रात 7:30 बजे मंदिर के पट पुनः श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।

ग्रहण काल में दान, स्नान और जप का महत्व

मुख्य पुजारी के अनुसार ग्रहण काल को धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान मोक्ष स्नान, दान-पुण्य और भगवान के नाम का जाप करने का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु देश और समाज के कल्याण की कामना करते हुए पूजा-अर्चना करें।

पुजारी ने यह भी बताया कि यह चंद्र ग्रहण शुभकारी माना जा रहा है और इससे अशुभ ग्रहों की शांति होती है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे संयम और श्रद्धा के साथ पर्व मनाएं।

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