झारखंड सरकार ने ओबीसी विद्यार्थियों को 400 करोड़ रुपये छात्रवृत्ति देने का फैसला किया है। 9-10 के लिए 100 करोड़ और पोस्ट मैट्रिक के लिए 300 करोड़ का प्रावधान।
OBC Scholarship 2026 रांची: रांची से बड़ी खबर है कि राज्य सरकार ने ओबीसी विद्यार्थियों को लंबित छात्रवृत्ति देने के लिए अपने हिस्से की राशि जारी करने का निर्णय लिया है। सरकार कुल 400 करोड़ रुपये राज्यांश से उपलब्ध कराएगी, जिससे करीब साढ़े पांच लाख पात्र विद्यार्थियों को राहत मिलेगी।
यह फैसला केंद्र सरकार से अपेक्षित राशि समय पर नहीं मिलने के कारण लिया गया है। कल्याण विभाग ने वित्त विभाग को प्रावधान शिथिल करने का प्रस्ताव भेज दिया है ताकि केंद्रांश के बिना ही राज्यांश की निकासी की जा सके।
9-10 के लिए 100 करोड़, पोस्ट मैट्रिक के लिए 300 करोड़
सरकार के निर्णय के अनुसार नौवीं और दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए 300 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के मंत्री चमरा लिंडा ने प्रस्ताव को अपनी सहमति दे दी है। विभागीय प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और अब वित्त विभाग की मंजूरी के बाद राशि निकासी की जाएगी। सरकार की कोशिश है कि 31 मार्च तक विद्यार्थियों के खाते में राशि पहुंचा दी जाए।
Key Highlights
ओबीसी विद्यार्थियों के लिए राज्य सरकार देगी 400 करोड़ रुपये
9-10 कक्षा के लिए 100 करोड़ और पोस्ट मैट्रिक के लिए 300 करोड़ का प्रावधान
करीब 5.5 लाख विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
केंद्रांश नहीं मिलने से अटकी थी छात्रवृत्ति
31 मार्च तक राशि जारी करने की तैयारी
केंद्रांश नहीं मिलने से अटकी थी छात्रवृत्ति
छात्रवृत्ति योजना केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रावधान के तहत संचालित होती है, जिसमें 60 प्रतिशत राशि केंद्र और 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार देती है। मौजूदा नियम के अनुसार दोनों हिस्सों की निकासी एक साथ होती है।
केंद्र सरकार से अपेक्षित राशि समय पर नहीं मिलने के कारण राज्यांश की निकासी भी अटकी हुई थी। अब नियमों में शिथिलता लाकर राज्य सरकार अपने हिस्से की राशि जारी करेगी।
मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में 271.37 करोड़ रुपये की मांग के विरुद्ध केवल 77.31 करोड़ रुपये मिले। 2024-25 में 253.21 करोड़ की मांग पर 33.57 करोड़ रुपये का आवंटन हुआ। वहीं 2025-26 के लिए 370 करोड़ रुपये की मांग की गई है। प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए भी केंद्र से राशि मांगी गई है।
2025-26 में अब तक नहीं मिली थी छात्रवृत्ति
वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई थी। सरकार के इस फैसले से हजारों विद्यार्थियों को तत्काल राहत मिलने की उम्मीद है। कल्याण विभाग ने स्पष्ट किया है कि वित्त विभाग की स्वीकृति मिलते ही राशि वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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