जमुई : जमुई के झाझा नगर परिषद में एक बड़ा विवाद सामने आया है। एक वायरल वीडियो में यह दावा किया गया है कि चेयरमैन साहब और उनके गुरुओं ने नगर परिषद कार्यालय को अपना गुलाम बना लिया है। इसके अलावा झाझा नगर परिषद के ही वार्ड पार्षद सुनील यादव ने भी बताया है कि हम लोगों को भी योजना का फॉर्म नहीं गिराने दिया गया है। हम लोगों को मारने की धमकी दी गई है। इसकी शिकायत जिलाधिकारी से भी किया हूं लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है हम लोगों का जान का खतरा बना हुआ है।
नगर परिषद कार्यालय में कोई भी टेंडर नहीं गिर सकता है
आरोप है कि नगर परिषद कार्यालय में कोई भी टेंडर नहीं गिर सकता है। यहां के अधिकारी चेयरमैन साहब और उनके गुरुओं के इशारे पर काम करते हैं। झाझा के कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. जनार्धन प्रसाद वर्मा ने कही है। जैसा कि मैं नहीं कह रहा हूं यह वायरल वीडियो में साफतौर पर दिख रहा है। जिस बक्से में योजना का टेंडर गिराया जाता है वह बक्सा किरानी के रूम में होता है। ऐसा नहीं है जो वायरल वीडियो में साफतौर पर दिख रहा है, चेयरमैन साहब के रूम में है। चेयरमैन साहब और उनके गुरुओं के द्वारा बक्से को कब्जा कर रखा है और योजना का फॉर्म किसी को भी नहीं गिरने दिया जा रहा है।
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इस मामले में अब जिलाधिकारी की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है
इस मामले में अब जिलाधिकारी की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। देखना होगा कि वे इस मामले में क्या एक्शन लेती हैं। क्या वे चेयरमैन साहब और उनके गुरुओं के खिलाफ कार्रवाई करेंगी या फिर इस मामले को दबा देंगी। यह घटना जमुई जिले के झाझा नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी डॉक्टर जरार्धन प्रसाद वर्मा पर सवाल उठाती है। नगर परिषद का मुख्य उद्देश्य स्थानीय लोगों की समस्याओं का समाधान करना होता है, लेकिन यहां तो चेयरमैन साहब और उनके गुरुओं का ही राज चल रहा है।
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ब्रह्मदेव प्रसाद यादव की रिपोर्ट
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